पटना: प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' ने बिहार विधान परिषद (उच्च सदन) में भी अपनी जगह बना ली है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जीतकर सुरेश प्रसाद राय जनसुराज के पहले एमएलसी (MLC) बन गए हैं। जन सुराज उम्मीदवार ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीत लिया है। सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के बड़े नेता और मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा को 324 वोटों से हरा दिया।
सुरेश प्रसाद राय पहली प्राथमिकता वाले वोटों (first-preference votes) की गिनती में शुरुआत से ही बढ़त बना ली और अंत तक इसे कायम रखा। मदन मोहन झा तो मतगणना पूरी होने से पहले ही काउंटिंग सेंटर से चले गए।
त्रिकोणीय मुकाबले का फायदा जन सुराज को मिला
इस निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस, लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और सीपीएम (CPM) सभी मैदान में थे। इस त्रिकोणीय मुकाबले का फायदा जन सुराज को मिला। बिहार विधानसभा के बाद अब बिहार विधान परिषद (उच्च सदन) में जन सुराज पार्टी का खाता खुल गया है। जन सुराज ने हाल ही में हुए उपचुनावों में विधानसभा की एक सीट जीती थी। राजनीतिक रणनीतिकार से विधायक बने प्रशांत किशोर राज्य विधानसभा में बांकीपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं।
RJD और CPM ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल
विधान परिषद चुनावों के दौरान कांग्रेस और आरजेडी एक बार फिर आमने-सामने थीं। दोनों पार्टियों ने पटना शिक्षक, पटना स्नातक, दरभंगा शिक्षक, दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे। जहां आरजेडी के पास कोई सीट नहीं थी, वहीं कांग्रेस के पास एक सीट दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र थी। आरजेडी ने शुरुआत में इस सीट के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था, लेकिन बाद में जब कांग्रेस ने पांचों निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया, तो आरजेडी ने कुमार राउत को अपना उम्मीदवार बना दिया।
इस बीच, CPM ने भी रामदेव राय को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। जन सुराज के राय को 2,574 वोट मिले, कांग्रेस नेता मदन मोहन झा को 2,187 वोट मिले और रामदेव राय को 1,498 वोट मिले। आरजेडी उम्मीदवार कुमार राउत को 126 वोट मिले। मदन मोहन झा ने पिछले दो चुनावों में यह सीट जीती थी। वह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और महागठबंधन सरकार में मंत्री भी रहे हैं।
डॉ. सुरेश प्रसाद राय कौन हैं?
डॉ. सुरेश प्रसाद राय लंबे समय से भाजपा के सदस्य रहे हैं। सरकारी शिक्षक के पद से रिटायर होने के बाद, वे पूरी तरह से राजनीति और संगठन के काम में लग गए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शिक्षक प्रकोष्ठ (टीचर्स सेल) के राज्य-स्तरीय समन्वयक के रूप में भी काम किया है। पिछले चुनाव में उन्होंने इसी सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस के मदन मोहन झा से हार गए और दूसरे स्थान पर रहे। इस बार टिकट बंटवारे से नाराज होकर उन्होंने चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़ दी और जन सुराज पार्टी में शामिल हो गए और जीत दर्ज की।
बता दें कि बिहार में एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट हासिल नहीं हुई। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार ने बीजेपी के नवल किशोर को 1,057 मतों से हराया। इस हार के साथ पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का करीब 30 साल पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार भूषण कुमार झा को 594 मतों से पराजित किया। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद जीत हासिल की।
ये भी पढ़ेंः Bihar MLC Election Results: बिहार में बड़ी फेरबदल, शिक्षक सीट पर सभी सिटिंग कैंडिडेट हारे, BJP के लिए झटका क्यों
'कहां है रे गुंजन.. ले जो मिठाइयां', जेडीयू के नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर कसा तंज