बेंगलुरु के बाहरी इलाके में हुलिमावु पुलिस थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय बालक का जली हुई अवस्था में शव मिलने से सनसनी फैल गयी। पुलिस के मुताबिक गुरुवार शाम बन्नेरगट्टा रोड पर एक सुनसान जगह से 13 वर्षीय निश्चिथ का जला हुआ शव बरामद किया गया। निश्चिथ 30 जुलाई की शाम से लापता था। प्राथमिकी के अनुसार, निश्चिथ शाम को अपनी ट्यूशन क्लास में गया था और उसे रात 8 बजे तक घर लौटना था। लेकिन जब वह नहीं पहुंचा, तो उसके पिता ने ट्यूशन टीचर से पूछताछ की, जिन्होंने पुष्टि की कि निश्चिथ अपनी क्लास खत्म करने के बाद घर चला गया था।
कोचिंग के बाद से गायब था मासूम
निश्चिथ के पिता और रिश्तेदारों ने उसकी तलाश शुरू की और सड़क किनारे एक पार्क के पास उसकी साइकिल लावारिस हालत में मिली। संदेह होने पर, उन्होंने पुलिस को सूचित किया, जिसने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस के मुताबिक इसी बीच, निश्चिथ के माता-पिता को 5 लाख की फिरौती की मांग वाला एक कॉल आया। जब वे पैसे का इंतजाम कर रहे थे, तब पुलिस अपहरणकर्ताओं का पता लगाने की कोशिश कर रही थी।
डीसीपी और एसपी ने किया घटनास्थल का दौरा
इसी बीच गुरुवार की शाम को गाय चराने वाले एक व्यक्ति ने जली हुई हालत में एक बच्चे का शव देखा और पुलिस को सूचना दी, जिसकी पहचान बाद में निश्चित के रूप में हुई। इलेक्ट्रॉनिक सिटी के डीसीपी और बेंगलुरु ग्रामीण के एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया। आशंका है कि पुलिस शिकायत के बारे में पता चलने के बाद अपहरणकर्ताओं ने निश्चित की हत्या कर दी होगी। मामले की जांच और अपहरणकर्ताओं का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो इलाके के सीसीटीवी फुटेज के जरिये अपराधियों की पहचान कर रही है।
पुलिस ने एनकाउंटर के बाद आरोपियों को किया गिरफ्तार
बता दें कि इस मामले में बेंगलुरू पुलिस ने 2 आरोपियों गुरुमूर्ति और वेणुगोपाल को एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि पुलिस ने केस दर्ज हने के 24 घंटे के भीतर ही इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया है। घरवालों से मिले सुराग पर काम करते हुए जांच के दौरान बन्नेरघट्टा -कगलीपुरा रोड पर पुलिस की टीम ने बाइक पर जाते आरोपियों को देखा और उनका पीछा किया गया। पुलिस ने जब उन्हें रुकने को कहा तो आरोपियों ने धारदार हथियार से पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने 6 राउंड फायर किया और दोनों आरोपियों के घुटने के नीचे गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक निश्चिथ के पिता का परिचित था और वह उनके लिए ड्राइविंग का काम करता था। आरोपी को लगा कि किडनैपिंग के नाम पर निश्चिथ के पिता से फिरौती की 5 लाख की रकम आसानी से मिल जाएगी, लेकिन जब परिवार के लोग पुलिस स्टेशन चले गए तो पहचान उजागर हो जाने के डर से उसने अपने सहयोगी के साथ मिलकर निश्चिथ का मर्डर कर दिया और सुबूत मिटाने के लिए उसके शव को जला दिया लेकिन शव पूरी तरह नहीं जल पाया जिसके चलते निश्चिथ की शिनाख्त हो गई और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।