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Indore News: इंदौर में नाबालिग लड़की से शादी के आरोप में 6 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, बच्ची और उसके परिवार को डरा-धमकाकर हुई थी शादी

 Written By: Shashi Rai
 Published : Jun 16, 2022 02:47 pm IST,  Updated : Jun 16, 2022 02:47 pm IST

Indore News: इंदौर में 14 साल की लड़की से 19 वर्षीय युवक के कथित तौर पर जबरदस्ती बाल विवाह के साल भर बाद दूल्हे और मौलवी समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

इंदौर में नाबालिग लड़की से शादी के आरोप में 6 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा- India TV Hindi
इंदौर में नाबालिग लड़की से शादी के आरोप में 6 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा Image Source : PIXABAY REPRESENTATIONAL

Highlights

  • नाबालिग से शादी के आरोप में 6 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
  • बच्ची को बंधक बनाकर रखने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप
  • च्ची और उसके परिवार को डरा-धमकाकर हुई थी शादी

Indore News: इंदौर में 14 साल की लड़की से 19 वर्षीय युवक के कथित तौर पर जबरदस्ती बाल विवाह के साल भर बाद दूल्हे और मौलवी समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। खजराना थाने के प्रभारी दिनेश वर्मा ने बृहस्पतिवार को बताया कि बाल विवाह चार जुलाई 2021 को हुआ था और तब दुल्हन की उम्र 14 साल और दूल्हे की उम्र 19 साल थी। उन्होंने बताया कि बुधवार को दर्ज प्राथमिकी में युवक पर शादी के बाद नाबालिग लड़की को उसके घर में बंधक बनाकर रखने और उसके साथ दुष्कर्म करने का भी आरोप है। वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के उल्लंघन के आरोपियों में निकाह पढ़वाने वाला मौलवी, दूल्हे की मां और निकाह के तीन गवाह शामिल हैं। 

नाबालिग को डरा-धमकाकर शादी करने का आरोप

उन्होंने बताया कि पुलिस ने बाल विवाह पीड़ित लड़की की एक अस्पताल में मेडिकल जांच कराई है। प्रशासन के बाल विवाह निरोधक उड़नदस्ते के प्रभारी महेंद्र पाठक ने कहा, ‘‘ हमें शिकायत मिली थी कि दूल्हा पक्ष ने नाबालिग लड़की और उसके परिवार को डरा-धमकाकर इस जोड़े का जबरन बाल विवाह कराया। बाल कल्याण समिति ने पीड़ित लड़की का बयान दर्ज किया है। हमने लड़की के बयान के आधार पर ही पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।’’ 

एक धार्मिक संस्था ने निकाह का प्रमाणपत्र जारी किया था 

उन्होंने यह भी बताया कि इंदौर जिले की एक धार्मिक संस्था ने मामले से जुड़े निकाह का प्रमाणपत्र जारी किया था और बाल विवाह के खुलासे के बाद इस दस्तावेज की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि देश में 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषी को दो वर्ष तक के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं का प्रावधान है।

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