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2 साल बाद ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, पैर में अलग-अलग नंबर की चप्पलें बनी अहम सुराग, काला जादू थी हत्या की वजह

 Published : Jul 04, 2026 11:41 pm IST,  Updated : Jul 04, 2026 11:41 pm IST

सड़ इतनी बुरी तरह गल चुका था कि उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। मृतक के पैरों में दो अलग-अलग नंबर की चप्पलें थीं। इससे उसकी पहचान हुई और बाद में पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

Crime- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : INDIA TV

ओडिशा क्राइम ब्रांच ने दो साल पुराने एक हत्याकांड को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस को कुएं के अंदर लाश मिली थी। लाश बुरी तरह गली हुई थी। पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पा रही थी। ऐसे में मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया। शव के साथ मिली चप्पलों से लाश की पहचान हुई। इसके बाद स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर जांच अधिकारी आरोपियों तक पहुंचे। पूछताछ के दौरान नाबालिग आरोपी ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया।

घटना आठ नवंबर 2023 की है। उदाला पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत एक कुएं में सड़ा हुआ शव मिला था। शव को बोरी में भरकर फेंका गया था। डीजीपी क्राइम ब्रांच विनयतोष मिश्रा ने बताया कि शव इतनी बुरी तरह से सड़ चुका था कि पुलिस को शुरूआत में पीड़ित की पहचान के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। बाद में यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया, जिसने लगभग 100 किलोमीटर के दायरे से लापता व्यक्तियों की रिपोर्टों की जांच की, लेकिन कोई सफलता हासिल नहीं कर पाई।

चप्पलें बनी अहम सबूत

जांच के दौरान अधिकारियों का ध्यान शव के साथ मिली दो चप्पलों पर गया, जो अलग-अलग साइज की थीं। एक चप्पल का साइज चार था, जबकि दूसरा का साइज पांच था। केरल में रहने वाले एक व्यक्ति ने चप्पलों की पहचान की। वह मृतक का बेटा था और जांच के बारे में पता चलने पर खुद क्राइम ब्रांच को फोन किया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने जूतों की पहचान करते हुए बताया कि ये वही जूते हैं, जो उसके पिता पहना करते थे। बाद में बेटे के खून की डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि मृतक जुगराज सिंह थे। आगे की जांच में पता चला कि जुगराज सिंह कथित तौर पर जादू-टोना करता था और अनुष्ठान करता था।

बेटे की मौत का बदला लेने के लिए की हत्या

पुलिस ने बताया कि आरोपियों का मानना ​​था कि जुगराज ने काला जादू के जरिए उनके एक बेटे को डूबा दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने जुगराज की हत्या की। क्राइम ब्रांच ने मृतक को अंतिम बार देखने वाले लोगों और इससे जुड़े सबूतों, गवाहों के बयानों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर शान गौड़, मोहन सिंह उर्फ ​​मृदा और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया।

हत्यारों में एक नाबालिग भी शामिल

क्राइम ब्रांच के अनुसार जांच के दौरान नाबालिग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने पहले स्थानीय निवासियों से ऐसे बयान दिए थे, जिनसे यह संकेत मिलता था कि उन्होंने उसे "खत्म कर दिया" था। जांचकर्ताओं ने इसे एक महत्वपूर्ण सबूत माना। इसके बाद नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है, जबकि दो वयस्क आरोपियों को अदालत में भेज दिया गया है। क्राइम ब्रांच ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है।

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