दिल्ली पुलिस ने एक शातिर अपराधी को यूपी के गोरखपुर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी और अवैध हथियार रखने के कई मामलों में मुकदमे से बचने के लिए अपनी मौत का नाटक कर रहा था। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान दिल्ली के मुंगेशपुर गांव निवासी वीरेंद्र विमल के रूप में हुई है। आरोपी ने कोर्ट की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट से बचने के लिए 2021 में जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खुद को मृत घोषित कर दिया था। विमल एक आदतन अपराधी था, जो बवाना थाने में दर्ज घरों में सेंधमारी, चोरी और अवैध हथियार रखने के कई मामलों में वांछित था।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) आदित्य गौतम ने कहा, ‘‘आरोपी ने कथित रूप से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का एक जाली मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया, जिसमें उसकी मृत्यु की तारीख 24 अगस्त 2021 दिखाई गई थी। इसके बाद उसके मामलों में अदालत की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।’’ हालांकि, पुलिस ने हाल ही में मामले की फिर से जांच की और मृत्यु रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गईं। अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच के बाद पता लगा कि उसकी मौत नहीं हुई थी और अदालत को गुमराह करने के लिए प्रमाण पत्र में हेराफेरी की गई थी।’’
पुलिस उपायुक्त (अपराध) आदित्य गौतम ने बताया कि पुलिस ने लगातार निगरानी करने के बाद आरोपी का पता लगाया और उसे गोरखपुर से पकड़ लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान की पुष्टि ‘क्राइम कुंडली’ (एक बायोमेट्रिक डेटाबेस) और ‘फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) सॉफ्टवेयर’ का उपयोग करके की गई। इस प्रक्रिया में उसकी नवीनतम तस्वीर को पुलिस के पिछले रिकॉर्ड से मिलान किया और उसकी पहचान कर ली गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और अदालत में पेश किया गया। (इनपुट- पीटीआई)
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