हावेरी: कर्नाटक के हंगल गैंगरेप मामले में 7 आरोपियों को 20 मई 2025 को अदालत ने जमानत दे दी थी। जमानत मिलने के बाद आरोपियों ने जश्न मनाते हुए एक रोड शो निकाला, जिससे इलाके में हंगामा मच गया। हावेरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंशु कुमार ने बताया कि आरोपियों ने जमानत के बाद अक्की अलूर गांव में कारों और बाइकों के साथ जुलूस निकाला और इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। इस हरकत ने लोगों में गुस्सा भड़का दिया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने हंगल थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 189/2, 191/2, 281, 351/2, 351/3 और 190 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस करेगी जमानत रद्द करने की अपील
पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने इनकी जमानत रद्द करने के लिए भी अर्जी दाखिल करने की बात कही है। एसपी अंशु कुमार ने कहा, '2024 हंगल गैंगरेप मामले में 7 आरोपियों को 20 मई को जमानत मिल गई थी। उपजेल से अक्की अलूर आते समय उन्होंने उपद्रव मचाया और जश्न मनाते हुए रैली निकाली। उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। यह पुलिस के संज्ञान में आया। हमने हंगल थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हमने 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है। हम उन्हें अदालत में पेश करेंगे और इस केस में जमानत रद्द करने के लिए आवेदन करेंगे।'
हंगल गैंगरेप केस क्या है?
यह मामला जनवरी 2024 का है, जब हंगल में एक 26 साल की महिला के साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ। पीड़िता अपने पार्टनर के साथ एक होटल में रुकी थी। आरोप है कि 7 लोगों ने होटल में घुसकर दोनों पर हमला किया। महिला को जबरदस्ती जंगल में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया गया। शुरू में इसे मॉरल पुलिसिंग का मामला माना गया, लेकिन पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के बाद गैंगरेप की धाराएं जोड़ी गईं। इस मामले में कुल 19 लोग गिरफ्तार हुए थे, जिनमें से 12 को पहले जमानत मिल चुकी थी। इस मामले में 7 आरोपियों आफताब चंदनकट्टी, मदार साब मंडक्की, समीवुल्ला लालनवर, मोहम्मद सादिक आगासिमानी, शोएब मुल्ला, तौसिफ चोटी और रियाज साविकेरी को हाल ही में जमानत मिली थी।
जश्न का वीडियो बना विवाद का कारण
जमानत मिलने के बाद आरोपियों ने अक्की अलूर गांव में बाइक और कारों के साथ कई किलोमीटर लंबा विजय जुलुस निकाला। वीडियो में आरोपी जीत का इशारा करते और समर्थक नारे लगाते दिखे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद जनता में रोष फैल गया। आरोपियों को यूं जमानत मिलने और फिर रिहाई के बाद निकाले गए विजय जुलूस ने लोगों की भावनाओं को झकझोर दिया। इस मामले ने कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 7 में से 5 आरोपियों को हिरासत में ले लिया।