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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा हुआ था 1.5 साल का बच्चा, पुलिस ने ऐसे किया चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग का भंडाफोड़, 8 को दबोचा

 Reported By: Sanjay Kumar Sah,  Kumar Sonu Edited By: Subhash Kumar
 Published : Jun 19, 2026 06:58 pm IST,  Updated : Jun 19, 2026 08:44 pm IST

दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए डेढ़ साल के बच्चे को बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चाइल्ड ट्रैफिकिंग में 8 लोगों को पकड़ा गया है। आइए जानते हैं पूरा मामला।

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दिल्ली पुलिस ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग को पकड़ा। Image Source : REPORTER

दिल्ली पुलिस की रेलवे यूनिट ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अपहरण किए गए डेढ़ साल के मासूम बच्चे को सुरक्षित छुड़ा लिया है। यह बच्चा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन  के अजमेरी गेट साइड वाले वेटिंग हॉल से चोरी हुआ था। दिल्ली पुलिस के अनुसार गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश की रहने वाली 26 साल की एक महिला पिछले एक साल से अपने पति से अलग रह रही थी। उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं था, इसलिए वह अपने डेढ़ साल के बेटे के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के मुख्य हॉल में रह रही थी।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक 24 मई की सुबह करीब 6:30 बजे उसका बच्चा अचानक गायब हो गया। महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि किसी ने उसके बच्चे का अपहरण कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस ने तुरंत एक स्पेशल टीम बनाकर जांच शुरू की। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने रेलवे स्टेशन से लेकर गाजियाबाद के कासिम विहार तक के लगभग 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से पता चला कि तीन लोगों ने बच्चे का अपहरण किया। वे स्टेशन से बैटरी वाले रिक्शे में बैठकर मोरी गेट पहुंचे, फिर वहां से ऑटो बदलकर शास्त्री पार्क और फिर दूसरे ऑटो से कासिम विहार, गाजियाबाद गए।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

डीसीपी रेलवे ने आगे बताया कि पुलिस ने उस बैटरी रिक्शे और ऑटो का नंबर पहचान लिया। इसी बीच पुलिस को हरिद्वार से भी जानकारी मिली कि वहां भी इसी तरीके से एक बच्ची का अपहरण किया गया है और उसमें भी यही संदिग्ध शामिल थे। इसके बाद डिजिटल फोरेंसिक, सीसीटीवी ट्रैकिंग और जनता से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापेमारी की और गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। 

आरोपियों की पहचान आई सामने

दिल्ल्ली पुलिस ने जिन 8 लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें जिया (26 वर्ष, चंडीगढ़), विशाल (19 वर्ष, गुरुग्राम) और शिवा उर्फ गौरव (24 वर्ष, हरिद्वार/बिहार) शामिल हैं। इन तीनों ने मिलकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बच्चे को अगवा किया था। पुलिस के मुताबिक, इनका काम भीड़भाड़ वाली जगहों से बच्चे चुराकर आगे सप्लाई करना था। वहीं, आरती (38 वर्ष, बदायूं, यूपी) और पूजा (34 वर्ष, जयपुर, राजस्थान) ये दोनों आपस में बहनें हैं। पूजा ने आरती के लिए बच्चा खरीदने में मदद की थी। चुराया गया बच्चा इन्हीं दोनों के पास से बरामद हुआ है। 

दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रीति शर्मा (36 वर्ष, मुजफ्फरनगर, यूपी), धर्मेंद्र (36 वर्ष, मुजफ्फरनगर, यूपी) और अकिल (28 वर्ष, अमरोहा, यूपी) ये इस सौदे के साजिशकर्ता और मददगार थे। इनमें से अकिल ने खुद को बच्चे का फर्जी पिता बताया था ताकि बच्चा बेचने में आसानी हो। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है। फिलहाल बच्चे को मेडिकल जांच, सुरक्षा और सही देखभाल के लिए 'मातृ छाया' संस्था की देखरेख में रखा गया है। 

6 रिमांड पर, दो न्यायिक हिरासत में भेजे गए

डीसीपी ने जानकारी दी कि मामले में शामिल दो महिला आरोपियों आरती और पूजा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, अन्य छह आरोपियों जिया, प्रीति, विशाल, शिवा, धर्मेंद्र और अकिल को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया है। पुलिस इस गिरोह के अन्य संपर्कों और अन्य शिकार हुए बच्चों का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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