दिल्ली-NCR में हवा गंभीर श्रेणी में पहुंची हुई है। बढ़ते AQI ने लोगों का सांस लेना तक मुश्किल कर दिया है। राजधानी में रविवार को AQI 461 दर्ज किया गया जो इस सीजन का सबसे खराब स्तर है। वहीं एक दिन पहले AQI 432 था और आज भी कई इलाकों में AQI 400 के पार ही है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक दिल्ली की हवा लगातार गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। वहीं, हालात को देखते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने वकीलों और वादियों को एक बड़ी राहत और सलाह दी है।
सीजेआई ने सुझाव दिया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए अगर संभव हो, तो वकील और पक्षकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने मामलों की पैरवी करें। उन्होंने वकीलों और वादियों को सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध मामलों के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ के माध्यम से पेश होने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा रविवार को जारी एक परिपत्र में यह जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खतरनाक हवा से गंभीर स्वास्थ्य खतरों की चेतावनी दी है। इससे पहले 26 नवंबर को अत्यधिक प्रदूषण के कारण CJI ने अस्वस्थ महसूस करने की बात कहते हुए ‘वर्चुअल’ सुनवाई पर विचार किया था।
दूसरी ओर प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने GRAP की स्टेज 4 लागू की हुई है जिसके तहत कई चीजों पर रोक लगाई गई है। वहीं, गौतमबुद्धनगर में 5वीं तक क्लास ऑनलाइन कर दी गई हैं और 9वीं, 11वीं की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी।
आज दिल्ली के कई इलाकों में धुंध के कारण दृश्यता कम रही। सड़कों पर वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं। बाराखंभा रोड और पंडित पंत मार्ग जहां सुबह 6 बजे AQI 474 और 417 दर्ज किया गया है। धुंध के चलते दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में लोग हेडलाइट जलाकर धीरे-धीरे गाड़ी चलाते हुए दिखाई दिए।
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