दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज यानी मंगलवार को बुराड़ी स्थित परिवहन विभाग के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (DTO), वाहन निरीक्षण इकाई (Vehicle Inspection Unit), वाहन प्रशिक्षण संस्थान (Vehicle Training Institute) और निर्माणाधीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) का दौरा कर वहां नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विशेष रूप से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन यानी ATS के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा होना चाहिए।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि दिल्ली की जनता सरकारी दफ्तरों में सुविधा के लिए आती हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि हर सेवा सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो। जहां कमी मिलेगी, वहां सुधार होगा और जहां लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही तय होगी।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल
एक अन्य खबर में, दिल्ली सरकार ने केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) के 40 से अधिक मेडिकल, पैरामेडिकल और प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों का सामूहिक तबादला कर दिया है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की जानकारी दी गई। इस बड़े फैसले पर बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी संकल्प के तहत केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) में यह बदलाव किया गया है।"
किसे कहां से हटाया गया?
10 डॉक्टर स्थानांतरित: सीपीए के कार्यालय प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा समेत 10 वरिष्ठ डॉक्टरों का तबादला किया गया है।
20 पैरामेडिकल स्टाफ का तबादला: जमीनी स्तर पर सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 20 कर्मचारियों को बदला गया है, जिनमें फार्मासिस्ट, कनिष्ठ मेडिकल लैब टेक्नीशियन, लैब अटेंडेंट और चालक शामिल हैं।
10 प्रशासनिक कर्मचारी: दफ्तर के कामकाज में तेजी और दक्षता लाने के लिए खंड अधिकारी, वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक स्तर के 10 कर्मियों का ट्रांसफर किया गया है।