1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली सरकार का शराब नीति पर बड़ा फैसला, मौजूदा पॉलिसी को 2025-26 के लिए किया लागू

दिल्ली सरकार का शराब नीति पर बड़ा फैसला, मौजूदा पॉलिसी को 2025-26 के लिए किया लागू

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Jun 27, 2025 11:34 pm IST,  Updated : Jun 27, 2025 11:41 pm IST

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौजूदा शराब नीति को लेकर बड़ा फैसला किया है। दरअसल मौजूदा शराब नीति को साल 2025-26 तक के लिए लागू कर दिया गया है।

Delhi govt extends existing liquor licensing regime for FY 2025-26 know updates- India TV Hindi
दिल्ली सरकार का शराब नीति पर बड़ा फैसला Image Source : DELHI GOVT (X)

दिल्ली सरकार ने शुक्रवार (27 जून) को राष्ट्रीय राजधानी में शराब के व्यापार के लिए एक नए नियामक ढांचे का मसौदा तैयार करने की तैयारी के बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपनी मौजूदा आबकारी नीति को बढ़ा दिया है। आबकारी विभाग द्वारा जारी एक आदेश में पुष्टि की गई है कि आबकारी शुल्क-आधारित व्यवस्था, जिसे पहले लाइसेंसिंग वर्ष 2022-23 में लागू किया गया था और 2023-24 और 2024-25 में जारी रखा गया था, अब 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। आसान भाषा में कहें तो दिल्ली सरकार ने अपनी मौजूदा शराब नीति को अगले वित्तीय वर्ष के लिए बढ़ाने का फैसला किया है, जिसमें शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस और शुल्क की व्यवस्था शामिल है।

लाइसेंसिंग नियम और शर्तों में नहीं होगा बदलाव

आदेश के अनुसार, सभी थोक लाइसेंस मौजूदा नीति के नियमों और शर्तों के आधार पर जारी किए जाएंगे, जो आनुपातिक लाइसेंस शुल्क के भुगतान के अधीन होंगे। नोटिस में कहा गया है, "हर साल नवीनीकृत होने वाले सभी लाइसेंसों के नियम और शर्तें आबकारी वर्ष 2025-26 के लिए भी जारी रहेंगी।" 30 जून तक वैध मौजूदा लाइसेंस या पंजीकृत ब्रांडों के लिए मूल्य निर्धारण, लेबल पंजीकरण, स्रोत या गोदाम नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा। इन ब्रांडों को आवश्यक शुल्क और अंडरटेकिंग्स जमा करके वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फिर से पंजीकृत किया जा सकता है।

नए आबकारी नीति पर काम जारी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में अधिकारियों को 30 जून (सोमवार) तक नई आबकारी नीति का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया है। इसका लक्ष्य शराब आपूर्ति प्रणाली में पारदर्शिता को बनाए रखना है, जो गुणवत्ता बनाए रखते हुए सरकारी राजस्व को बढ़ावा दे। मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति को अन्य भारतीय राज्यों की आबकारी नीतियों के आधार पर नीति का मसौदा तैयार करने का काम सौंपा गया है। बता दें कि वर्तमान में विस्तारित नीति, जिसे अक्सर 'पुरानी आबकारी नीति' के रूप में जाना जाता है, उसे आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा 2022 में दोबारा से लागू किया गया था। इससे पहले साल 2021-22 में शराब नीति में अनियमितताओं के आरोपों के कारण अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा शराब नीति को वापस ले लिया गया था। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।