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दिल्ली में मंडरा रहा बड़े भूकंप का खतरा, डेंजर जोन में हैं ये इलाके

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Nov 13, 2022 01:12 pm IST,  Updated : Nov 13, 2022 01:12 pm IST

जब भी नेपाल, पाकिस्तान या अफगानिस्तान में भूकंप आया है, उसके झटके दिल्ली में भी महसूस किए गए हैं। वहीं, दिल्ली को जिस जोन में रखा गया है, उससे आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली में 7 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप भी आ सकते हैं।

दिल्ली में बड़े भूकंप का खतरा- India TV Hindi
दिल्ली में बड़े भूकंप का खतरा Image Source : FILE PHOTO

Earthquake: नेपाल में शनिवार को 5.4 तीव्रता का भूकंप आने के कारण इसका असर दिल्ली और एनसीआर से लेकर आस-पास के राज्यों में भी देखा गया। दिल्ली में पिछले हफ्ते पहले भी इसी तरह भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि, ये झटके इतने खतरनाक नहीं थे, लेकिन एक सरकारी रिपोर्ट की मानें तो दिल्ली के कई इलाके ऐसे हैं, जो डेंजर जोन में हैं। राजधानी में बड़े भूकंप की आशंका भी बनी हुई है। 

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में दो बार भूकंप के झटके आने के बाद अब राजधानी के लोगों को ये डर सता रहा है कि कहीं बड़ी तीव्रता का भूकंप ना आ जाए। इसकी एक वजह ये भी है कि जब भी नेपाल, पाकिस्तान या अफगानिस्तान में भूकंप आया है, उसके झटके दिल्ली में भी महसूस किए गए हैं। वहीं, दिल्ली को जिस जोन में रखा गया है, उससे आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली में 7 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप भी आ सकते हैं। यही नहीं इससे भारी तबाही भी हो सकती है।

बड़े पैमाने पर जानमाल की हानि हो सकती है

भू-विज्ञान मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में बताया था कि दिल्ली में अगर छह रिक्टर स्केल से ज्यादा तीव्रता का भूकंप आता है, तो यहां बड़े पैमाने पर जानमाल की हानि हो सकती है। दिल्ली की आधी इमारतें इस तेज झटके को झेल पाने में सक्षम नहीं है। वहीं, कई इलाकों में घनी आबादी की वजह से बड़ी संख्या में जनहानि हो सकती है। गौरतलब है कि नेपाल में साल 2015 में आए 7.8 के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी।

सिस्मिक हजार्ड माइक्रोजोनेशन ऑफ दिल्ली की एक रिपोर्ट में राजधानी को तीन जोन में बांटा गया है। इसमें ज्यादा खतरे में यमुना नदी के किनारे के ज्यादातर इलाके और कुछ उत्तरी दिल्ली के इलाके शामिल हैं। सबसे ज्यादा खतरे वाले जोन में दिल्ली यूनिवर्सिटी का नार्थ कैंपस, सरिता विहार, गीता कॉलोनी, शकरपुर, पश्चिम विहार, वजीराबाद, रिठाला, रोहिणी, जहांगीरपुरी, बवाना, करोलबाग, जनकपुरी हैं।

सबसे बड़े खतरे वाले जोन में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट

वहीं, दूसरे सबसे बड़े खतरे वाले जोन में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बुराड़ी और नजफगढ़ शामिल हैं। दिल्ली का लुटियंस जोन भी हाई रिस्क वाला इलाका है, हालांकि यहां खतरा उतना नहीं है। इसमें संसद भवन, कई मंत्रालय और मंत्रियों के आवास हैं। वहीं, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, एम्स, छतरपुर, नारायणा, हौज खास सबसे सुरक्षित जोन में हैं।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में इमारतों को भूकंप रोधी और उनकी मजबूती सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर 2019 में एक एक्शन प्लान भी बना था। इसके तहत दो साल में सभी ऊंची इमारतों और अगले तीन साल में सभी इमारतों की ढांचागत मजबूती सुनिश्चित करने को कहा गया था, लेकिन यह कार्य अभी आधा भी नहीं हुआ है।

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