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प्लांट प्रोटीन या एनिमल प्रोटीन, शरीर के लिए क्या है अच्छा, दोनों में क्या अंतर होता है?

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Apr 30, 2026 10:53 am IST,  Updated : Apr 30, 2026 10:53 am IST

Plant Protein vs Animal Protein: शरीर को स्वस्थ रखने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी पोषक तत्व है। प्लांट बेस्ड प्रोटीन और एनिमल बेस्ड प्रोटीन में से क्या अच्छा है और दोनों में क्या अंतर है आइये जानते हैं।

प्लाट प्रोटीन और एनिमल प्रोटीन में अंतर- India TV Hindi
प्लाट प्रोटीन और एनिमल प्रोटीन में अंतर Image Source : FREEPIK

इन दिनों फिटनेस के लिए प्रोटीन खाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाने लगा है। प्रोटीन खाने से मांसपेशियां मजबूत बनती है। इससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और शरीर को जरूरी पोषण आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन जब प्रोटीन की बात आती है तो दिमाग में दो तरह के प्रोटीन का विकल्प सामने आता है। एक होता है प्लांट बेस्ड प्रोटीन जो हमें पौधों से मिलता है। दूसरा होता है एनिमल प्रोटीन जो पशुओं से मिलता है। आइये जानते हैं कौन सा प्रोटीन शरीर के लिए अच्छा होता है। प्लांट बेस्ड प्रोटीन और एनिमल प्रोटीन में क्या अंतर होता है।

प्लांट प्रोटीन या एनिमल प्रोटीन, क्या है बेहतर? 

ब्रिटेन के सर्जन डॉक्टर करण राजन ने इंस्टाग्राम पर शेयर एक वीडियो में बताया कि मांसपेशियों के लिए सबसे अच्छा प्रोटीन कौन सा है इसे डिटेल में जानने की जरूरत है। मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए एनिमल प्रोटीन थोड़े समय के लिए अच्छा है। कई रिसर्च से पता चलता है कि यह पौधों से प्राप्त प्रोटीन की तुलना में मांसपेशियों में प्रोटीन सिंथेसिस की दर को ज्यादा बढ़ाता है। आमतौर पर इससे शरीर को सभी जरूरी अमीनो एसिड मिल जाते हैं। वहीं कई प्लांट बेस्ड प्रोटीन में फाइबर भी होता है, जो अमीनो एसिड के पाचन और अवशोषण को धीमा कर सकता है, जिससे वे मांसपेशियों को बढ़ाने और रिपेयर करने में मदद करता है।

मसल्स बनाने के लिए कौन सा प्रोटीन अच्छा है?

अगर आप ज़्यादा मांसपेशियां बनाना चाहते हैं, तो प्लांट प्रोटीन या एनिमल प्रोटीन में से कौन सा बेहतर है? कम समय में मसल्स बनाने और 1 बार खाना खाने के हिसाब से एनिमल प्रोटीन बेहतर है। अगर आप एनिमल प्रोटीन वाला खाना खाते हैं तो प्लांट प्रोटीन की तुलना में मांसपेशियों में प्रोटीन सिंथेसिस में लगभग 50 प्रतिशत ज्यादा तेजी आती है। अमीनो एसिड की मात्रा भी दोगुनी से ज्यादा हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्लांट बेस्ड प्रोटीन में फाइबर होता है, जो अमीनो एसिड के अवशोषण को धीमा कर देता है।

हालांकि मांसपेशियों में एक दिन में या कुछ दिनों में वृद्धि नहीं होती है। इसलिए पूरे दिन और कई दिनों के दौरान का अंतर खत्म हो जाता है। इसलिए मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए आप किसी भी प्रोटीन का सेवन करें, लेकिन लगातार लंबे समय तक करें ये जरूरी है। मांसपेशियों को मजबूत बनाना है तो इसके लिए रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और प्रोटीन दो जरूरी चीजें हैं। आपको अपने वजन का प्रति किलोग्राम के हिसाब से कम से कम 1.2 से 1.6 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए।

प्लांट बेस्ड प्रोटीन

सोया से बनी चीजें जैसे टोफू, टेम्पेह, सोया चंक्स, दालें और फलियां जैसे राजमा, चना, मूंग, मसूर। इसके अलावा मेवे और बीज जैसे बादाम, अखरोट, चिया बीज, अलसी, कद्दू के बीज, अनाज में क्विनोआ, ओट्स, ब्राउन राइस और सब्जियों में ब्रोकोली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, पत्तेदार सब्जियां शामिल हैं।

एनिमल प्रोटीन

इसमें  मांस और पोल्ट्री जैसे चिकन, टर्की, भेड़ का मांस, और रेड मीट उच्च प्रोटीन प्रदान करते हैं। खाने में मछली और सीफूड जैसे सैल्मन, टूना, सार्डिन और झींगा, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड का भी अच्छा स्रोत हैं। इसके अलावा अंडे, डेयरी उत्पाद जैसे दूध, पनीर, दही, और ग्रीक योगर्ट प्रोटीन है।

 

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