नई दिल्ली: दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति देते हुए आज बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद थीं। उन्होंने दिल्लीवासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।
डबल इंजन की सरकार को दिया श्रेय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेखा गुप्ता ने इन परियोजनाओं की शुरुआत का श्रेय ''डबल-इंजन सरकार की ताकत'' को दिया। उन्होंने कहा, ''डबल-इंजन सरकार के होने से ही दिल्ली की रुकी हुई परियोजनाएं जनता के लिए शुरू की जा सकती हैं। केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर काम कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यातायात जाम की समस्या को दूर करने के लिए कई परियोजनाओं की योजना बना रही है। यह एक ऐसी समस्या है जिसे पिछले 50 वर्षों से नजरअंदाज किया गया था। रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सहयोग से दिल्ली में आधुनिक, सुगम और बेहतर कनेक्टिविटी वाली परियोजनाओं को गति मिल रही है।
1,635 करोड़ रुपये की लागत से तैयार
बता दें कि बारापुला फेज 3 परियोजना को 1,635 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसे 2014 में मंजूरी दी गई थी और काम 2015 में शुरू हुआ था। इसका काम शुरू में 2017 में पूरा किया जाना था लेकिन देरी के कारण इसकी लागत बढ़ गई। दिल्ली सरकार ने 2014 में यमुना पर एक और पुल बनाने की योजना बनाई थी। इसका मकसद पूर्वी दिल्ली और एनसीआर के नोएडा-गाजियाबाद से मध्य दिल्ली आने वाले गाड़ियों के दबाव को कम करना था। अभी मुख्य रूप से यात्री आईटीओ और निजामुद्दीन पुलों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग -24 जैसे रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।
साल 2021 में, मानसून के दौरान यमुना के तेज प्रवाह के कारण पुल के लिए बनाया गया एक खंभा झुक गया। अधिकारियों ने कहा कि पुल पर काम हर साल मानसून के मौसम के दौरान रोक दिया गया था। गलियारे में विभिन्न दिशाओं में यातायात की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए नौ 'लूप' हैं। फ्लाईओवर सराय काले खां में मौजूदा बारापुला फ्लाईओवर से जुड़ जाएगा।
पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच निर्बाध संपर्क
चार परियोजनाओं में सबसे बड़ी बारापुला फेज-3 एलिवेटेड रोड कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराना है। इसके तहत सिग्नल-फ्री मार्ग के जरिए मयूर विहार फेज-1 और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को जोड़ा जाएगा। यह फ्लाईओवर सराय काले खां में मौजूदा बारापुला फ्लाईओवर से जुड़ जाएगा जिससे करीब 10 किलोमीटर लंबे मार्ग का विस्तार पूरा हो जाएगा।
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