उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद एक बेटी ने अपने हौसले और मेहनत से बड़ी सफलता हासिल की। यहां एक पंक्चर लगाने वाले की बेटी गायत्री वर्मा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की पीसीएस परीक्षा में 210वीं रैंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। गायत्री की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि उन युवाओं के लिए मिसाल बन गई है जो कठिन परिस्थितियों के बीच अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
गायत्री ने बताया कि उन्होंने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाईं थीं, जबकि दूसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा में असफल रहीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी।
तैयारी में आईं कई बाधाएं
गायत्री ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई बुलंदशहर में पूरी की, जबकि आगे की शिक्षा उन्होंने अलीगढ़ में ननिहाल में रहकर हासिल की। उन्होंने बताया कि उनके पिता राजकुमार टायर पंक्चर की छोटी सी दुकान चलाते हैं, जिससे परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता था। आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कई बाधाएं आईं, लेकिन परिवार के सहयोग और उनके दृढ़ संकल्प ने राह आसान कर दी।
'कई बार बेटी की फीस भरने के लिए ब्याज पर लेने पड़े पैसे उधार'
गायत्री ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से तैयारी की और पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। वहीं, उनके पिता ने बताया कि पंक्चर की दुकान से रोजाना 200 से 400 रुपये की आमदनी होती थी, जिससे परिवार चलाना कठिन था। कई बार बेटी की फीस भरने के लिए उन्हें ब्याज पर पैसे भी लेने पड़े। गायत्री की सफलता पर उनके पिता ने गर्व जताते हुए कहा कि वह चाहते हैं उनकी बेटी ईमानदारी से काम करे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से खड़ी रहे।
Report- Varun sharma