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"मुझे नहीं, उन 700+ किसान परिवारों को दो जिनके घर आपने उजाड़ दिए", शाह के BJP में आने के न्योते पर बोले जयंत चौधरी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 26, 2022 10:19 pm IST,  Updated : Jan 26, 2022 10:19 pm IST

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर कोई शिकायत है तो वो उनसे लड़ सकते हैं, लेकिन भाजपा से कोई नाराजगी नहीं रखनी चाहिए। जयंत चौधरी को लेकर जाटों के मन में सॉफ्ट कार्नर को देखते हुए शाह ने यह भी कहा कि जयंत ने इस बार गलत घर चुन लिया है।

Highlights

  • दिल्ली में प्रवेश वर्मा के घर पर 200 से अधिक जाट नेताओं के साथ अमित शाह की बैठक
  • अमित शाह ने भाजपा को बताया किसानों का सबसे बड़ा हितैशी
  • जयंत चौधरी को साधने में जुटे शाह

UP Election 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा दांव खेलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने यह कहा है कि जयंत चौधरी के लिए भाजपा के दरवाजे हमेशा खुले हैं। शाह ने कहा कि भाजपा यह चाहती थी कि जयंत भाई हमारे घर में आए लेकिन उन्होंने इस बार गलत घर चुन लिया है। दरअसल, यह मौका था जाट समुदाय के प्रभावशाली नेताओं के साथ बैठक का।

ये भी पढ़ें- UP Election 2022: जाट नेताओं के साथ बैठक के बाद बोले अमित शाह, "जयंत चौधरी ने गलत घर चुन लिया"

अमित शाह के बयान के बाद जयंत सिंह चौधरी ने पलटवार करते हुए बड़ा हमला बोला है। चौधरी ने कहा है, "न्योता मुझे नहीं, उन +700 किसान परिवारों को दो जिनके घर आपने उजाड़ दिए!!"

दरअसल, बुधवार को दिल्ली में भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के घर पर जाट समुदाय के 200 से ज्यादा नेताओं के साथ अमित शाह बैठक कर उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उनसे भाजपा को समर्थन देने की अपील कर रहे थे लेकिन उन्हें इस बात का भी बखूबी अंदाजा था कि चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी को लेकर जाट समुदाय के लोगों में एक प्रकार का सॉफ्ट कार्नर है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग यह सोच रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह के पोते और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी का राजनीतिक पुनर्वास होना ही चाहिए।

जाट समुदाय की इस सोच का अंदाजा गृह मंत्री अमित शाह को भी बखूबी था लेकिन इसके साथ ही उन्हें यह भी पता था कि जाट जयंत चौधरी को तो चाहते हैं लेकिन अखिलेश यादव को वोट नहीं करना चाहते हैं। इसलिए जाट समुदाय के प्रभावशाली नेताओं की बैठक में ही शाह ने खुलकर जयंत चौधरी को साथ आने का ऑफर कर दिया। शाह के इस ऑफर की सबसे खास बात यह रही कि जयंत चौधरी को समझा कर भाजपा के साथ लाने की जिम्मेदारी भी उन्होंने जाट समुदाय के इन्ही नेताओं को सौंप दी।

शाह ने कहा कि, अगर सपा और रालोद की सरकार बन भी गई तो उसमें सिर्फ अखिलेश यादव की ही चलेगी, जयंत चौधरी की नहीं। जयंत भाई ने गलत घर चुन लिया है, अभी कुछ नहीं हो सकता लेकिन भविष्य के लिए आप लोग उन्हें जरूर समझाइए।

दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जयंत चौधरी के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक दल अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है। सपा-रालोद गठबंधन की वजह से भाजपा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में जयंत चौधरी को साथ आने का खुला ऑफर देकर अमित शाह ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेल दिया है।

प्रदेश में पहले चरण के तहत 10 फरवरी को 58 सीटों और दूसरे चरण के तहत 14 फरवरी को 55 सीटों पर मतदान होना है। इन 113 सीटों पर जीत-हार का फैसला करने में जाट मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इनपुट- आईएएनएस

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