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  5. स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में हुए शामिल, बोले- BJP का सूपड़ा साफ कर देंगे

स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में हुए शामिल, बोले- BJP का सूपड़ा साफ कर देंगे

स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और कहा कि उत्तर प्रदेश को भाजपा के शोषण से मुक्त कराना है। आज भाजपा के खात्मे का शंखनाद बज गया है। भाजपा ने देश और प्रदेश की जनता को गुमराह कर उनकी आंखों में धूल झोंकी है और जनता का शोषण किया है।

IndiaTV Hindi Desk Written by: IndiaTV Hindi Desk
Published on: January 14, 2022 15:54 IST
भाजपा छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी, भगवती सागर, विनय शाक्य, रोशन लाल वर्मा, मुक- India TV Hindi
Image Source : ANI UP: भाजपा छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी, भगवती सागर, विनय शाक्य, रोशन लाल वर्मा, मुकेश वर्मा, बृजेश कुमार प्रजापति समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।

Highlights

  • सपा में शामिल होते ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूपी सरकार पर साधा निशाना
  • जानिए कौन-कौन नेता सपा में हुए शामिल
  • बेटे की वजह से दिया इस्तीफा, जानिए इस सवाल पर मौर्य ने क्या कहा?

लखनऊ: उप्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार से बगावत कर इस्तीफा देने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने कुछ पूर्व मंत्रियों के साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा विधायक जिन्होंने पहले अपना इस्तीफा दे दिया था, वे भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव की उपस्थिति में पार्टी कार्यालय में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा, सपा के पाले में जाने वाले अन्य मंत्री धर्म सिंह सैनी भी शामिल थे। 

स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा

स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और कहा कि उत्तर प्रदेश को भाजपा के शोषण से मुक्त कराना है। आज भाजपा के खात्मे का शंखनाद बज गया है। भाजपा ने देश और प्रदेश की जनता को गुमराह कर उनकी आंखों में धूल झोंकी है और जनता का शोषण किया है। अब भाजपा का खात्मा करके उत्तर प्रदेश को भाजपा के शोषण से मुक्त कराना है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, "भाजपा के बड़े- बड़े नेता जो कुंभकरण नींद सो रहे थे, आज हम लोग के इस्तीफा देने के बाद उनकी नींद हराम हो गई है, उन्हें नींद ही नहीं आ रही है। अखिलेशजी पढ़े लिखे हैं नौजवान हैं और प्रदेश के लाखों लोगों का साथ उनके साथ मिलकर बीजेपी को निस्तनाबूत कर देंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जिसका मैं साथ छोड़ता हूं उसका कोई वजूद नहीं रहता। हमारी बहनजी इसका जीता जागता सबूत है, बहन जी ने कांशीराम जी का नारा बदल दिया मैंने उसका विरोध किया लेकिन नहीं मानी और आज उनका कोई वजूद नहीं रहा।" 

भाजपा के कुछ लोग कहते हैं कि 5 साल तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया? और कुछ लोग कहते हैं कि बेटे की वजह से इस्तीफा दिया। इस सवाल के जवाब पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, "भाजपा ने पिछड़ों की, दलितों और अल्पसंख्यक की आंख में धूल झोंक कर सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री होंगे यादव, मौर्य या कोई भी पिछड़े वर्ग का, लेकिन लोगों की आंखों में धूल झोंक कर गोरखपुर से ले आए। 80 और 20 का नारा दे रहे हैं, तो मैं तो कहता हूं कि 85 और 15 का है जिसमें 85 हमारा और 15 में भी बंटवारा है।" उन्होंने कहा कि मैंने सोचा था की इतने समय तक वनवास झेलने के बाद भाजपा अच्छा काम करेगी लेकिन भाजपा ने ऐसा नहीं किया। आज मैं भाजपा से कहना चाहता हूं की आज जो ये कार्यक्रम हो रहा है, इससे एक ऐसा तूफान चलेगा जिससे भाजपा के परखच्चे उड़ जाएंगे।

जानिए कौन-कौन सपा में हुआ शामिल?

हालांकि, भाजपा सरकार से इस्तीफा देने वाले एक और मंत्री दारा सिंह चौहान आज सपा के कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए। समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इस अवसर पर मौर्य ने कहा कि आगामी चुनाव में वह उप्र से भाजपा का सूपड़ा साफ कर देंगे। शुक्रवार को सपा में शामिल होने वाले पांच भाजपा विधायक हैं- भगवती सागर (कानपुर में बिल्हौर), रोशनलाल वर्मा (शाहजहांपुर में तिलहर), विनय शाक्य (औरैया में बिधूना), बृजेश प्रजापति (बांदा में तिंदवारी) और मुकेश वर्मा (फिरोजाबाद में शिकोहाबाद)। बसपा प्रमुख मायावती के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रहे पदम सिंह और भाजपा की सहयोगी अपना दल-एस के सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंह भी सपा में शामिल हो गये।

इस्तीफा देने वाले मंत्री और अधिकांश विधायक जो अब तक भाजपा छोड़कर आए हैं, सभी मौर्य के खास माने जाते हैं। बता दें कि, स्वामी प्रसाद मौर्य के बीते मंगलवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से इस्तीफा देने के बाद यह सभी विधायक भाजपा छोड़कर आज सपा में शामिल हुए हैं। इनमें से अधिकांश विधायक उत्तर प्रदेश में 2017 के चुनावों से पहले बहुजन समाज पार्टी से भाजपा में शामिल हो गए थे। कुछ भाजपा नेताओं का दावा है कि यह वह विधायक हैं जो जानते हैं कि इस बार उन्हें विधानसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा।

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