थिम्पू: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान पिछले काफी वक्त से अपनी आगामी फिल्म 'दंगल' को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। गुरुवार को इस फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज कर दिया गया है। आमिर ने अपनी इस फिल्म के लिए कड़ी मेहनत की है। यूनिसेफ के क्षेत्रीय सद्भावना दूत आमिर खान अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर यह देखने के लिए भूटान पहुंचे कि संगठन कैसे देशभर में कुपोषण रोकने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कुपोषण से प्रभावित बच्चों से मुलाकात भी की। आमिर ने अपने बयान में कहा, "हालांकि भूटान ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में अद्भुत प्रगति की है, लेकिन अभी भी इस पर काम करने की जरूरत है और हर बच्चे तक इसे पहुंचाना अभी बाकी है।"
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यूनीसेफ के मुताबिक, स्थानिक दक्षिण एशिया में पांच साल से कम आयु के 38 फीसदी यानी 6.4 करोड़ बच्चों के इससे प्रभावित होने का अनुमान है, जिससे शारीरिक व संज्ञानात्मक (ज्ञान संबंधी) विकास में बाधा पहुंचती है। भूटान में हालिया प्रगति के बावजूद पांच में से एक बच्चा कुपोषण से प्रभावित है।
भूटान की शाही सरकार, यूनिसेफ और इसके सहयोगी साथ मिलकर परिवारों व समुदायों में स्वच्छता के संबंध में सुधार लाने, बच्चों के लिए आवश्यक पोषक व सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी में सुधार लाने के लिए और छोटे बच्चों व महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषक आहार उपलब्ध कराने के लिए साथ मिलकर कुपोषित बच्चों के परिवार के साथ काम कर रहे हैं।
भूटान यात्रा के दौरान आमिर ने पारो में स्थित द्रुकग्येल बुनियादी (बेसिक) स्वास्थ्य इकाई में नामगे जेम से मुलाकात की जिन्होंने महज 20 दिन पहले अपने बच्चे को जन्म दिया है। उन्होंने अन्य महिलाओ से भी मुलाकात की।
'पीके' के अभिनेता ने कहा कि जिस तरह से युवा माताओं ने अपने बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए आसान व प्रभावी बदलावों को अपनाया है, वह अविश्वसनीय है। यूनिसेफ भूटान के प्रतिनिधि रुडोल्फ श्वेंक ने कुपोषण दूर करने के संबंध में आमिर के प्रयासों की सराहना की।