नई दिल्ली: बॉलीवुड फिल्मकार करण जौहर अब तक के अपने करियर में कई शानदार और बेहतरीन फिल्में इस इंडस्ट्री को दे चुके हैं। आज करण अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 25 मई 1972 का मुंबई में फिल्म निर्माता यश जौहर और हीरू जौहर के घर हुआ था। करण ने अपने पिता यश के बाद धर्मा प्रोडक्शन की बाग डोर संभाली और उसे एक नई उचाईयों तक पहुंचाया है। करण ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत एक अभिनेता के तौर पर की थी, वर्ष 1989 में उन्होंने दूरदर्शन के धारावाहिक ‘इंद्रधनुष’ में श्रीकांत का किरदार निभाया था। इसके बाद वह ‘दिलवाले दल्हनिया ले जाएंगे’ में भी वह एक छोटी सी भूमिका निभाते हुए नजर आए थे। इस फिल्म में वह सहायक-निर्देशक भी थे। अभिनता के तौर पर उनको कोई खास प्रसिद्धि हासिल नहीं हुई।
वर्ष 1998 में आई फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के जरिए उन्होंने बतौर निर्देशक बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा और इसके साथ ही उन्होंने सफलता की सीढियां चढ़ना शुरू की। इस फिल्म को 8 फिल्मफयेर पुरस्कार से नवाजा गया। इस फिल्म की कहानी भी करण ने ही लिखी थी। इसके बाद 2001 और 2006 में आई क्रमश: ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘कभी अलवीदा न कहना’ भी उनके करियर की बड़ी हिट साबित हुईं।
वर्ष 2010 में आई आतंक विरोधी ड्रामा फिल्म ‘माय नेम इज खान’ के लिए एक बार फिर उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशन की श्रेणी में फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। ‘कल हो ना हो’, ‘दोस्ताना’, ‘रब ने बना दी जोड़ी’, ‘वेक अप सिड’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में से हैं। करण अभी तक अविवाहित हैं, वह हाल ही में दो जुड़वा बच्चों यश और रूही के सेरोगसी के जरिए पिता बने हैं।