नई दिल्ली: बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा माला सिन्हा ने फिल्मों में अपनी बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को दिवाना बनाया ही है, इसके अलावा उन्होंने लोग उनकी खूबसूरती और कजरारे नैनों के भी कायल कर दिया। अपनी अदाओं का जादू लोगों पर चलाने वाली माला सिन्हा 11 नवंबर को अपना 80वां जन्मदिन मना रही हैं। आज 80 साल की होने के बावजूद उनके चेहरे पर आज भी वही चमक बरकरार है। माला सिन्हा ऑल इंडिया रेडियो यानी आकाशवाणी की अनुमोदित गायिका रह चुकी हैं।
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जब वह महज 16 साल की थीं, तो उन्हीं दिनों आकाशवाणी के कलकत्ता केंद्र के स्टूडियो में लोकगीत गाया करती थीं। उन्होंने भले ही फिल्मों के लिए गीत न गाए हों, लेकिन 1947 से 1975 तक कई भाषाओं में मंच पर गायन किया। उनका जन्म 11 नवंबर, 1936 को कलकत्ता के एक ईसाई परिवार में हुआ। उनके माता-पिता मूल रूप से नेपाल के रहने वाले थे। माला के जन्म से पहले ही वे कलकत्ता आकर बस गए।
बचपन में माला का नाम ‘आलडा’ रख गया था, लेकिन उनकी सहेलियां व दोस्त उन्हें डालडा (वनस्पति तेल का एक ब्रांड) कहकर चिढ़ाते थे। बेटी को परेशान देख माता-पिता ने नाम बदलकर माला रख दिया। माला सिन्हा को बचपन से ही गीत और नृत्य में बड़ी दिलचस्पी थी। उन्होंने हिंदी के अलावा बांग्ला और नेपाली फिल्मों में भी काम किया है। वह अपनी प्रतिभा और सौंदर्य के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने वर्ष 1950 से लेकर 1960 के दशक तक 100 से भी ज्यादा हिंदी फिल्मों में अपने अभिनय के जलवे बिखेरे।
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