मुंबई: कंगना रनौत, शाहिद कपूर और सैफ अली खान जैसे सितारों से सजी फिल्म ‘रंगून’ आज बड़े पर्दे पर रिलीज हो गई। विशाल भारद्वाज ने 3 बड़े सितारों को साथ लेकर अपनी ड्रीम फिल्म ‘रंगून’ बनाई थी, निर्माता साजिद नाडियावाल ने फिल्म के प्रमोशन में भी कोई कमी नहीं छोड़ी। लेकिन फिल्म की शुरुआत औसत से भी कम रही। फिल्म के मॉर्निंग शो की सीटें महज 10 फीसदी ही भरी थीं। आज सेमी हॉलीडे है और महाशिवरात्रि की छुट्टी है, इसलिए शाम के शो बेहतर होने की उम्मीद है। लेकिन ‘रंगून’ 70 करोड़ की लागत से बनी महंगी फिल्म है, और रंगून को मुनाफा कमाने के लिए ओपनिंग वीकेंड पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा। ‘
रंगून’ के साथ प्लस प्वाइंट ये है कि कि फिल्म का कोई मुकाबला नहीं है। 10 मार्च को वरुण धवन और आलिया भट्ट की फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' रिलीज हो रही है, उससे पहले फिल्म के पास कमाई करने का पूरा मौका है।
पढ़ें ‘रंगून’ की फिल्म समीक्षा
प्यार, जंग और बेवफाई की दास्तां है 'रंगून'
कबूल जैसी फिल्में निर्देशित करने वाले विशाल भारद्वाज की ये फिल्म भी अलग ट्रीटमेंट वाली है। 'हैदर' और 'ओंकारा' के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले विशाल भारद्वाज को रंगून से काफी उम्मीदें हैं। ‘रंगून’ की कहानी दूसरे विश्व युद्ध और भारत में आजादी की लड़ाई के वक्त की कहानी है। फिल्म में कंगना 40 के दशक की हीरोइन मिस जूलिया के किरदार में नजर आ रही हैं। ‘हैदर’, कमीने, ओंकारा और म'रंगून' की कहानी साल 1944 पर बनी हैं। जब पूरी दुनिया में युद्ध चल रहा था और भारत के लोग देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ रहे थे।
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