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इंजीनियरिंग में फेल हुए 'रामायण' के लक्ष्‍मण, खत्म करना चाहते थे जिंदगी, फिर अपना बौद्ध धर्म, बदल गई जिंदगी

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Jan 15, 2026 06:30 pm IST,  Updated : Jan 15, 2026 06:30 pm IST

छोटे पर्दे के 'जमाई राजा' अब मेगा बजट फिल्म के लक्ष्मण बनने वाले हैं। रणबीर कपूर के साथ वो पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। इनकी जिंदगी में एक दौर ऐसा था, जब कई मुश्किलें खड़ी हो गई थीं। उन्होंने बौद्ध प्रैक्टिसेज के जरिए अपनी जिंदगी संवार ली।

ravi dubey- India TV Hindi
रवि दुबे। Image Source : RAVI DUBEY INSTAGRAM

टीवी और OTT की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुके रवि दुबे की कहानी सिर्फ एक सफल अभिनेता की नहीं, बल्कि निरंतर खुद को नए सांचे में ढालते रहने वाले कलाकार और उद्यमी की है। मॉडलिंग से करियर की शुरुआत करने वाले रवि आज अभिनेता, होस्ट, प्रोड्यूसर और बिजनेस माइंड, चारों रूपों में खुद को साबित कर चुके हैं। 23 दिसंबर को जन्मे रवि दुबे 42 साल के हो गए हैं और इस मुकाम तक पहुंचने की उनकी यात्रा उतनी ही प्रेरक है जितनी रोचक।

पिता की राह चले थे रवि दुबे

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मे रवि दुबे का पालन-पोषण दिल्ली में हुआ। एक इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आने वाले रवि ने मुंबई के राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस में डिग्री हासिल की। कॉलेज के आखिरी साल में ही उनका झुकाव मॉडलिंग की ओर हो गया और यहीं से उनके सपनों को उड़ान मिली। एक्टिंग में कदम रखने से पहले वह 40 से ज्यादा टीवी विज्ञापनों का हिस्सा रहे, जहां उनकी पहली कमाई महज 4000 रुपये थी। बता दें, एक्टर के पिता भी इंडीनियर हैं।

इन शोज में किया काम

रवि ने साल 2006 में दूरदर्शन के शो ‘स्त्री… तेरी कहानी’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद ‘डोली सजा के’, ‘यहां के हम सिकंदर’ और ‘रणबीर रानो’ जैसे शोज़ में काम कर उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी जगह बनानी शुरू की। असली पहचान उन्हें ‘सास बिना ससुराल’ से मिली, लेकिन ‘जमाई राजा’ ने उन्हें घर-घर का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने ‘नच बलिए’, ‘खतरों के खिलाड़ी’ जैसे रियलिटी शोज़ में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और बतौर होस्ट भी खुद को साबित किया।

जिंदगी खत्म करने के आने लगे थे ख्याल

रवि दुबे का सफर सिर्फ प्रोफेशनल ही नहीं, निजी स्तर पर भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। एक समय ऐसा भी आया जब इंजीनियरिंग के दौरान फेल होने से वह मानसिक रूप से टूट गए थे। उसी दौर में उन्होंने ध्यान और बौद्ध दर्शन का सहारा लिया, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी। आज वह हर धर्म का सम्मान करते हैं, लेकिन खुद को बौद्ध दर्शन से जुड़ा मानते हैं। एक इंटरव्‍यू में एक्‍टर ने अपनी धार्मिक मान्‍यताओं को लेकर लंबी बात की। उन्होंने कहा  कि वो इंजीनियरिंग में फेल हो गए थे और आत्महत्या करना चाहते थे। इसी दौरान उनका झुकाव बौद्ध धर्म की ओर हुआ और उनकी जिंदगी बदल गई। वो कहते हैं, 'बौद्ध धर्म अब मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा है, इससे मेरी जिंदगी सचमुच बदल गई।'

दोनों साथ मिलकर करते हैं बिजनेस

पर्सनल लाइफ में सरगुन मेहता के साथ उनकी जोड़ी टीवी इंडस्ट्री की सबसे मजबूत जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों की दोस्ती सेट पर शुरू हुई और साल 2013 में शादी में बदली। समय के साथ यह रिश्ता बिजनेस पार्टनरशिप में भी तब्दील हो गया। साल 2019 में दोनों ने मिलकर ‘ड्रीमियाता एंटरटेनमेंट’ की नींव रखी, जिसने ‘उड़ारियां’ जैसे सफल शो दिए। इसके बाद ‘ड्रीमियाता म्यूजिक’ और ‘ड्रीमियाता ड्रामा’ के जरिए उन्होंने डिजिटल स्पेस में भी अपनी पकड़ मजबूत की। अब रवि दुबे अपने करियर के एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं। पहली बार वह बड़े पर्दे पर नजर आएंगे, वो भी नितेश तिवारी की मेगा फिल्म ‘रामायण’ में लक्ष्मण के किरदार में। इस फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे एक्टर्स हैं।

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