विपुल अमृतलाल शाह के बैनर 'सनशाइन पिक्चर्स' के तले बनी फिल्म 'गवर्नर' का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर रिलीज हो चुका है। ट्रेलर के सामने आते ही इसने सिनेमाप्रेमियों के बीच जबरदस्त रोमांच और उत्सुकता पैदा कर दी है। साल की सबसे अनूठी और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक मानी जा रही 'गवर्नर' में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी और अभिनेत्री अदा शर्मा मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। चिन्मय मांडलेकर द्वारा निर्देशित यह फिल्म भारत के आर्थिक इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण लेकिन अब तक अनकहे और अनसुने अध्याय को बड़े पर्दे पर पेश करने जा रही है। फिल्म 12 जून 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
1990 के दशक का वो आर्थिक संकट, जिसने हिला दिया था देश
यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है और दर्शकों को 1990 के दशक के उस दौर में ले जाती है, जब भारत एक अभूतपूर्व और भयावह वित्तीय संकट से जूझ रहा था। उस समय देश का विदेशी मुद्रा भंडार इस कदर गिर चुका था कि भारत के पास महज कुछ हफ्तों के आयात के लिए ही पैसे बचे थे। देश के सामने दिवालिया होने का एक बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा था। सस्पेंस, पावर और राजनीतिक ड्रामे से भरपूर यह फिल्म दिखाती है कि कैसे उस उथल-पुथल भरे माहौल में देश को आर्थिक तबाही से बचाने के लिए पर्दे के पीछे एक बहुत बड़ी जंग लड़ी गई थी। ट्रेलर में मनोज बाजपेयी का कमांडिंग स्क्रीन प्रेजेंस और खूंखार अंदाज़ दर्शकों को उस दौर के तनाव और देश के अस्तित्व की लड़ाई की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली झलक दिखाता है।
पूर्व RBI गवर्नर एस वेंकिटरमणन के जीवन से प्रेरित है मनोज बाजपेयी का किरदार
ट्रेलर की रिलीज के साथ ही यह साफ हो गया है कि फिल्म में मनोज बाजपेयी का मुख्य किरदार भारतीय रिजर्व बैंक के 18वें गवर्नर एस. वेंकिटरमणन के जीवन और उनके साहसिक फैसलों से प्रेरित है। एक जाने-माने अर्थशास्त्री और आईएएस (IAS) अधिकारी रहे एस वेंकिटरमणन ने दिसंबर 1990 से दिसंबर 1992 के बीच आरबीआई गवर्नर के रूप में देश की कमान संभाली थी। जब देश के बैलेंस ऑफ पेमेंट्स क्राइसिस के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा था, तब उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता और मजबूत विजन का परिचय दिया था। उनका 18 नवंबर 2023 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था और अब यह फिल्म उनकी इसी ऐतिहासिक विरासत को नमन करने जा रही है।
जब देश को दिवालिया होने से बचाने के लिए गिरवी रखना पड़ा था सोना
फिल्म की कहानी का सबसे बड़ा और टर्निंग पॉइंट उस ऐतिहासिक फैसले पर आधारित है, जिसने भारत को डिफॉल्टर होने से बचा लिया था। इस भीषण आपातकाल का सामना करते हुए, एस वेंकिटरमणन ने एक बेहद कड़ा और विवादास्पद लेकिन समय की मांग के अनुसार बहुत जरूरी कदम उठाया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बैंकों से आपातकालीन लोन लेने के लिए भारत के सोने के भंडार को गिरवी रखने की मंजूरी दी थी। उनके इस फैसले के बाद लगभग 405 मिलियन डॉलर जुटाने के लिए देश के सोने को विदेशों में भेजा गया था। इस साहसिक कदम ने न केवल भारत की साख बचाई, बल्कि नीति निर्माताओं को देश में बड़े आर्थिक सुधार लागू करने के लिए जरूरी समय भी दे दिया।
'वह एक ऐसे विजनरी थे जिन्होंने देश के लिए सबसे बड़ा रिस्क लिया'
इस ऐतिहासिक किरदार को पर्दे पर जीवंत करने वाले अभिनेता मनोज बाजपेयी ने एस वेंकिटरमणन को एक ऐसा दूरदर्शी इंसान बताया, जिसने उस समय इतना बड़ा जोखिम उठाया जब देश का भविष्य पूरी तरह से अधर में था। मनोज बाजपेयी के अनुसार-
वेंकिटरमणन की लीक से हटकर सोचने की क्षमता और मुश्किल वक्त में कड़े फैसले लेने की हिम्मत ने ही भारत को आर्थिक रूप से टूटने से बचाया था। इस फिल्म को बनाने का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे गुमनाम नायक की गाथा को दुनिया के सामने लाना है, जिसका भारत को आर्थिक रूप से जिंदा रखने में इतना बड़ा योगदान होने के बावजूद, आम जनता उनके बारे में और उनके इस बलिदान के बारे में ज्यादा नहीं जानती।
शानदार स्टारकास्ट और बेहतरीन मेकर्स की टोली
दमदार और बेहद प्रभावशाली डायलॉग्स से सजी इस कहानी को प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह और को-प्रड्यूसर आशिन ए शाह लेकर आ रहे हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट को सुवेंदु भट्टाचार्य, सौरभ भारत, रवि असरानी और खुद विपुल अमृतलाल शाह ने मिलकर बेहद बारीकी से लिखा है। फिल्म के गानों को और भी खास बनाने के लिए महान गीतकार जावेद अख्तर ने इसके बोल लिखे हैं, जबकि इसका शानदार और रोंगटे खड़े कर देने वाला बैकग्राउंड म्यूजिक और गाने अमित त्रिवेदी ने कंपोज किए हैं। 12 जून 2026 को रिलीज होने जा रही यह फिल्म न सिर्फ मनोरंजन करेगी, बल्कि इतिहास के पन्नों में दफन एक बेहद जरूरी सच्चाई से देश को रूबरू कराएगी।
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