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Explainer: ट्रंप की टैरिफ वाली धमकियों से अमेरिकी बैंक भी अलर्ट, लंदन से न्यूयॉर्क लाया जा रहा अरबों रुपये का सोना

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Feb 18, 2025 10:57 am IST,  Updated : Feb 18, 2025 11:18 am IST

अमेरिकी बैंकों ने भी BoE की तिजोरियों में काफी सोना रखा हुआ है। लेकिन ट्रंप की टैरिफ वाली धमकियों के बीच अमेरिकी बैंक अलर्ट हो गए हैं और लंदन में रखा हुआ सोना न्यूयॉर्क ला रहे हैं। अमेरिकी बैंकों को संदेह है कि ट्रंप सोने के आयात पर भी भारी टैरिफ लगा सकते हैं।

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दोगुना से भी ज्यादा हुआ अमेरिका का गोल्ड रिजर्व Image Source : PIXABAY

अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप तगड़े एक्शन में नजर आ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्टील और एल्युमिनियम पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा के बाद से पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है। ट्रंप के इन फैसलों से अमेरिकी बैंक भी अलर्ट हो गए हैं और वे दुनियाभर में रखे अपने गोल्ड रिजर्व को वापस अमेरिका ला रहे हैं। बताते चलें कि लंदन की थ्रेड नीडल स्ट्रीट के नीचे विश्व का सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व है। यहां बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की 22 तिजोरियां हैं, जहां अरबों डॉलर का सोना रखा हुआ है। BoE की इन तिजोरियों में RBI समेत दुनियाभर के केंद्रीय बैंक और बड़े बिजनेसमैन इंग्लैंड की राजधानी लंदन में अपना सोना स्टोर करते हैं।

दोगुना से भी ज्यादा हुआ अमेरिका का गोल्ड रिजर्व

अमेरिकी बैंकों ने भी BoE की तिजोरियों में काफी सोना रखा हुआ है। लेकिन ट्रंप की टैरिफ वाली धमकियों के बीच अमेरिकी बैंक अलर्ट हो गए हैं और लंदन में रखा हुआ सोना न्यूयॉर्क ला रहे हैं। अमेरिकी बैंकों को संदेह है कि ट्रंप सोने के आयात पर भी भारी टैरिफ लगा सकते हैं। अमेरिकी बैंकों द्वारा लंदन से भारी मात्रा में सोना मंगवाने की वजह से न्यूयॉर्क कमोडिटी एक्सचेंज का गोल्ड रिजर्व दोगुना से भी ज्यादा हो चुका है। न्यूयॉर्क कमोडिटी एक्सचेंज का मौजूदा गोल्ड रिजर्व 106 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है, जो अमेरिकी चुनाव के दौरान 5 नवंबर को सिर्फ 50 बिलियन डॉलर था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी बैंकों ने बीते कुछ महीनों में लंदन से 8000 सोने की रॉड मंगवाई हैं, जो BoE के कुल स्टॉक का करीब 2 प्रतिशत है।

लंदन से सोना मंगवाने के पीछे और भी है वजह

अमेरिकी बैंक सिर्फ टैरिफ की वजह से ही नहीं बल्कि एक अन्य बड़ी वजह से भी लंदन में रखा सोना वापस ला रहे हैं। ट्रंप की टैरिफ वाली धमकियों की वजह से लंदन में सोने की कीमतों में दिसंबर से लेकर अभी तक 20 डॉलर तक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका में गोल्ड की डिमांड में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है तो वहां सोने का भाव भी चढ़ाई कर रहा है। 

BoE के डिप्टी गवर्नर सर डेव राम्सडेन ने बताया कि लंदन के कैश प्राइस और न्यूयॉर्क के फ्यूचर मार्केट प्राइस के बीच बड़े प्राइस डिफरेंस की वजह से मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। न्यूयॉर्क में सोने के वायदा कीमतें इस साल करीब 11 प्रतिशत की उछाल के साथ 2935 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच चुके हैं। इतना ही नहीं, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये भाव 3000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक भी पहुंच सकता है।

भारत में भी तेजी से बढ़ रही है सोने की मांग

वहीं दूसरी ओर, भारत में सोने की डिमांड में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। भारतीय खरीदार सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद जमकर खरीदारी कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 में भारत के गोल्ड इंपोर्ट में 40.79 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पिछले महीने देश का गोल्ड इंपोर्ट 2.68 अरब डॉलर हो गया। भारत में घरेलू मांग की तेजी आने से इंपोर्ट में बढ़ोतरी देखने को मिली है। बताते चलें कि पिछले साल जनवरी में भारत ने कुल 1.9 अरब डॉलर का गोल्ड इंपोर्ट किया था। 

चालू वित्त वर्ष में 32 प्रतिशत बढ़ा सोने का आयात

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान सोने का आयात 32 प्रतिशत बढ़कर 50 अरब डॉलर रहा जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 37.85 अरब डॉलर था। सोने के आयात में बढ़ोतरी होना एक सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में कीमती धातु में निवेशकों के मजबूत भरोसे का भी संकेत देती है।

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