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Fact Check: निर्मला सीतारमण ने नहीं किया इस निवेश परियोजना का समर्थन, वीडियो गलत दावे के साथ वायरल

 Published : Mar 05, 2025 02:23 pm IST,  Updated : Mar 05, 2025 02:23 pm IST

सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक सरकारी निवेश योजना का समर्थन कर रही हैं। फैक्ट चेक में वायरल दावा फर्जी पाया गया।

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फैक्ट चेक। Image Source : SCREENSHOT

Originally Fact Checked by PTI: सोशल मीडिया पर एक टीवी चैनल की 3 मिनट 33 सेकंड की वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक सरकारी निवेश योजना का समर्थन कर रही हैं। वीडियो में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति ₹21,000 निवेश करता है, तो उसे पहले महीने में ही ₹15,00,000 मिलेंगे।

फैक्ट चेक में वायरल दावा फर्जी पाया गया। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो डीपफेक तकनीक की सहायता से बनाया गया है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को गलत तरीके से एक निवेश परियोजना का समर्थन करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में निर्मला सीतारमण की आवाज के साथ AI तकनीक से छेड़छाड़ कर वोइस क्लोइनिंग की गई है।

दावा:

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने "सीएनएन-न्यूज18" की एक वीडियो क्लिप को शेयर किया, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक सरकारी निवेश योजना का समर्थन किया है। वीडियो में कहा गया है कि ₹21,000 निवेश करने पर पहले महीने में ₹15,00,000 का रिटर्न मिलेगा। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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Image Source : SCREENSHOTफैक्ट चेक।

पड़ताल:

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान हमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वी.सी. सज्जनार का एक एक्स पोस्ट मिला, 2 मार्च 2025 को उन्होंने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “देखिए कैसे ठगों ने हमारे माननीय वित्त मंत्री @nsitharaman के वीडियो का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने AI से बनाई गई आवाज डालकर इसे अपनी अवैध योजनाओं के प्रचार में इस्तेमाल किया।

नेटवर्क मार्केटिंग में बिना किसी और के नुकसान के कोई मुनाफा नहीं कमा सकता—यही कड़वी सच्चाई है। मैं शुरुआत से ही MLM कंपनियों के खिलाफ लड़ रहा हूं, और अब AI के दुरुपयोग ने मुझे और सतर्क कर दिया है ताकि मासूम लोगों को ऐसे धोखों से बचाया जा सके। जो कुछ भी ऑनलाइन दिखे, उस पर आंख बंद करके भरोसा न करें!” पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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Image Source : SCREENSHOTफैक्ट चेक।

पड़ताल के अगले क्रम में हमें डीडी इंडिया के यूट्यूब चैनल पर 1 फरवरी 2025 को प्रकाशित निर्माला सीतारमण का मूल वीडिया मिला। हमने 49 मिनट 44 सेकंड की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को ध्यान से सुना, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसी भी निवेश या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का कहीं भी जिक्र नहीं किया। हमारी जांच में यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो संपादित (एडिटेड) किया गया है और गलत दावे के साथ साझा किया जा रहा है। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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Image Source : SCREENSHOTफैक्ट चेक।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने “THE HINDU”  के यूट्यूब चैनल पर 1 फरवरी 2025 को प्रकाशित समान रिपोर्ट मिली, यहां निवेश या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का कहीं भी जिक्र नहीं था। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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Image Source : SCREENSHOTफैक्ट चेक।

हमने निर्मला सीतारमण की आवाज की प्रामाणिकता जांचने के लिए AI टूल Resemble Detect का उपयोग किया। स्कैनिंग के बाद प्राप्त परिणामों के अनुसार, वायरल ऑडियो को एडिट किया गया है। नीचे देखें रिजल्ट और लिंक

वहीं, पड़ताल के अंत में हमने एक अन्य डिटेक्टर टूल elevenlabs पर स्कैन किया, वहां पर मिले रिजल्ट के अनुसार वायरल ऑडियो 97% एडिट है। नीचे देखें रिजल्ट और लिंक

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Image Source : SCREENSHOTफैक्ट चेक।

हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट है कि यह वीडियो डीपफेक तकनीक की सहायता से बनाया गया है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को गलत तरीके से एक निवेश परियोजना का समर्थन करते हुए दिखाया गया है।

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Image Source : SCREENSHOTफैक्ट चेक।

दावा

निर्मला सीतारमण ने निवेश प्लेटफॉर्म का समर्थन किया।

तथ्य
फैक्ट चेक में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ।

निष्कर्ष
हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट है कि यह वीडियो डीपफेक तकनीक की सहायता से बनाया गया है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को गलत तरीके से एक निवेश परियोजना का समर्थन करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में निर्मला सीतारमण की आवाज के साथ AI तकनीक से छेड़छाड़ कर वोइस क्लोइनिंग की गई है।

(Disclaimer: यह फैक्ट चेक मूल रूप से PTI द्वारा किया गया है, जिसे Shakti Collective की मदद से India TV ने पुन: प्रकाशित किया है)

 

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