नींद की कमी ही नहीं, हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाती है ये आदतें
नींद की कमी ही नहीं, हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाती है ये आदतें
Habits That Increase Heart Attack Risk: सिर्फ नींद की कमी ही नहीं बल्कि लंबे समय तक बैठे रहने जैसी कुछ आदतें हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकती हैं। आइये जानते हैं ऐसी 6 हानिकारक आदतों के बारे में जो दिल को बीमार बना सकती हैं।
Published : Mar 31, 2026 08:39 am IST, Updated : Mar 31, 2026 08:39 am IST
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स्मोकिंग की आदत दिल के लिए खतरनात है। धूम्रपान करने से रक्त वाहिकाओं की भीतरी परत, एंडोथेलियम को सीधा नुकसान पहुंचता है। साथ ही नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर भी कम हो जाता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में अहम है। इससे सूजन बढ़ती है और खून के थक्के बनने की संभावना भी बढ़ जाती है।
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लंबे समय तक बैठे रहने से ब्लड सर्कुलेशन खराब होता है। जिससे नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन घट जाता है। इससे एंडोथेलियल फंक्शन प्रभावित होता है और मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। सूजन भी बढ़ सकती है। इसलिए लॉन्ग टाइम सिटिंग दूसरे कारणों से साथ मिलकर हार्ट की बीमारियों के खतरे को बढ़ाती है।
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रात के समय कम नींद लेने से ब्लड सर्कुलेशन में आने वाली गिरावट कम होती है और सिंपेथिक एक्टिविटीज बढ़ जाती हैं। इससे कोर्टिसोल, सूजन और ब्लड वेसेल्स में तनाव बढ़ता है, जो हाई ब्लड प्रेशर और लंबे समय में हार्ट की बीमारियों के खतरे को बढ़ाती है।
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लंबे समय तक तनाव में रहने से कोर्टिसोल का स्तर लगातार बढ़ने लगता है, जिससे कई तरह के हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं। इससे सूजन बढ़ती है और एंडोथेलियल डैमेज से लेकर इंसुलिन प्रतिरोध और धमनियों में अधिक अस्थिर, खतरनाक प्लाक के निर्माण तक हो सकता है। ये हार्ट के खतरनाक हो सकते हैं।
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अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड हार्ट के लिए खतरनाक है। इससे इंसुलिन प्रतिरोध, डिस्लिपिडेमिया, ऑक्सीडेटिव तनाव और एंडोथेलियल शिथिलता को बढ़ावा मिलता है। जिससे प्लाक के जमाव और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियां पैदा होती है। इस तरह के खाने से हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
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इसके अलावा हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन्हें साइलेंट किलर माना जाता है। इससे शरीर के अंगों को धीरे-धीरे नुकसान होता रहता है। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल धमनियों की दीवारों में जमा होकर धीरे-धीरे प्लाक बना सकता है। नियमित चेकअप न कराने से हार्ट की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।