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दाल, राजमा-छोले और चना-मटर खाने से पेट में गैस क्यों बनती है?

कुछ लोगों को दाल, राजम, चना या हाई प्रोटीन फलियां खाने से पेट में गैस बनने लगती है। इन चीजों को पेट सही तरीके से पचा नहीं पाता है। आइये डाइटिशियन से जानते हैं इसके क्या कारण हैं।

Written By: Bharti Singh
Published : Oct 13, 2026 06:58 am IST,  Updated : Oct 13, 2026 06:58 am IST
दाल, छोले-राजमा, चना और मटर को शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है। लेकिन कुछ लोगों का पेट इन्हें आसानी से पचा नहीं पाता और गैस बनने लगती है। डाइटिशियन के मुताबिक दाल और इन हाई प्रोटीन बीन्स में रैफिनोज ओलिगोसैकराइड नाम का एक कार्बोहाइड्रेट काफी ज्यादा मात्रा में होता है।
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दाल, छोले-राजमा, चना और मटर को शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है। लेकिन कुछ लोगों का पेट इन्हें आसानी से पचा नहीं पाता और गैस बनने लगती है। डाइटिशियन के मुताबिक दाल और इन हाई प्रोटीन बीन्स में रैफिनोज ओलिगोसैकराइड नाम का एक कार्बोहाइड्रेट काफी ज्यादा मात्रा में होता है।
हमारे शरीर में ऐसे एंज़ाइम नहीं पाए जाते जो दालों और फलियों में पाए जाने वाले इस रैफिनोज ओलिगोसैकराइड कार्बोहाइड्रेट को पचा पाएं। ऐसे में पेट के गुड बैक्टीरिया इसे पचाने का काम करते हैं, जिसकी वजह से हमारे पेट में काफी ज्यादा मात्रा में मीथेन जैसी गैस बनती है।
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हमारे शरीर में ऐसे एंज़ाइम नहीं पाए जाते जो दालों और फलियों में पाए जाने वाले इस रैफिनोज ओलिगोसैकराइड कार्बोहाइड्रेट को पचा पाएं। ऐसे में पेट के गुड बैक्टीरिया इसे पचाने का काम करते हैं, जिसकी वजह से हमारे पेट में काफी ज्यादा मात्रा में मीथेन जैसी गैस बनती है।
जो लोग रोजाना किसी न किसी तरह दाल और फलियां खाते हैं, उनके शरीर में बिफिडोबैक्टीरियम नाम के गुड बैक्टीरिया काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। इससे भोजन को पचाने की प्रक्रिया अच्छी हो जाती है। लेकिन जिन लोगों के पेट में गुड बैक्टीरिया कम होते हैं उन्हें इससे गैस की परेशानी हो सकती है।
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जो लोग रोजाना किसी न किसी तरह दाल और फलियां खाते हैं, उनके शरीर में बिफिडोबैक्टीरियम नाम के गुड बैक्टीरिया काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। इससे भोजन को पचाने की प्रक्रिया अच्छी हो जाती है। लेकिन जिन लोगों के पेट में गुड बैक्टीरिया कम होते हैं उन्हें इससे गैस की परेशानी हो सकती है।
ऐसे में अगर आप दाल और फलियां खाते हैं तो उन्हें आसानी से पचा पाएंगे या नहीं ये पूरी तरह अलग-अलग व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है। क्योंकि हर व्यक्ति को दाल और फलियां खाने से पेट फूलने या गैस की समस्या नहीं होती है।
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ऐसे में अगर आप दाल और फलियां खाते हैं तो उन्हें आसानी से पचा पाएंगे या नहीं ये पूरी तरह अलग-अलग व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है। क्योंकि हर व्यक्ति को दाल और फलियां खाने से पेट फूलने या गैस की समस्या नहीं होती है।
लेकिन फिर भी दाल और फलियों को जरूरत से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। अगर खा रहे हैं तो दाल और फलियों को पहले अच्छी तरह से भिगोना चाहिए जिससे रैफिनोज ओलिगोसैकराइड कार्बोहाइड्रेट थोड़ा बहुत पानी में घुल जाता है और गैस कम बनती है।
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लेकिन फिर भी दाल और फलियों को जरूरत से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। अगर खा रहे हैं तो दाल और फलियों को पहले अच्छी तरह से भिगोना चाहिए जिससे रैफिनोज ओलिगोसैकराइड कार्बोहाइड्रेट थोड़ा बहुत पानी में घुल जाता है और गैस कम बनती है।
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