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गर्मियों में सनबर्न से बचना है तो रोज करें ये काम, स्किन रहेगी हेल्दी और फ्रेश

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Apr 22, 2026 09:58 am IST,  Updated : Apr 22, 2026 10:04 am IST
गर्मियों के मौसम में स्किन को एक्स्ट्रा देखभाल की ज़रूरत होती है। गर्मी और उमस के कारण, अक्सर लोगों को सनबर्न, स्किन रैश और टैनिंग की समस्या तेजी से होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं किन टिप्स को फॉलो कर आप सनबर्न और स्किन रैश, जैसी समस्याओं से बच सकते हैं?
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गर्मियों के मौसम में स्किन को एक्स्ट्रा देखभाल की ज़रूरत होती है। गर्मी और उमस के कारण, अक्सर लोगों को सनबर्न, स्किन रैश और टैनिंग की समस्या तेजी से होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं किन टिप्स को फॉलो कर आप सनबर्न और स्किन रैश, जैसी समस्याओं से बच सकते हैं?
रोज़ाना सनस्क्रीन लगाएँ: रोज़ाना SPF 30 या उससे ज़्यादा वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। सनस्क्रीन त्वचा को UV किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने में सबसे ज़रूरी है। हर 2–3 घंटे में इसे दोबारा लगाएँ। अपनी त्वचा के अनुसार हल्का, बिना चिपचिपाहट वाला फ़ॉर्मूला इस्तेमाल करें।
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रोज़ाना सनस्क्रीन लगाएँ: रोज़ाना SPF 30 या उससे ज़्यादा वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। सनस्क्रीन त्वचा को UV किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने में सबसे ज़रूरी है। हर 2–3 घंटे में इसे दोबारा लगाएँ। अपनी त्वचा के अनुसार हल्का, बिना चिपचिपाहट वाला फ़ॉर्मूला इस्तेमाल करें।
मॉइस्चराइज़र लगाना कभी न भूलें: बहुत से लोग सोचते हैं कि मॉइस्चराइज़र सिर्फ़ सर्दियों के लिए होते हैं, लेकिन गर्मियों में पानी की कमी से भी त्वचा रूखी और खिंची-खिंची हो सकती है, खासकर धूप में निकलने के बाद। इसलिए इस मौसम में भी आप हल्के, हाइलूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन या एलोवेरा युक्त वॉटर बेस्ड मॉइस्चराइज़र इस्तेमाल करें।
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मॉइस्चराइज़र लगाना कभी न भूलें: बहुत से लोग सोचते हैं कि मॉइस्चराइज़र सिर्फ़ सर्दियों के लिए होते हैं, लेकिन गर्मियों में पानी की कमी से भी त्वचा रूखी और खिंची-खिंची हो सकती है, खासकर धूप में निकलने के बाद। इसलिए इस मौसम में भी आप हल्के, हाइलूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन या एलोवेरा युक्त वॉटर बेस्ड मॉइस्चराइज़र इस्तेमाल करें।
सूती कपड़े पहनें : गर्मियों में आप जो कपड़े पहनते हैं उसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। कसे हुए, सिंथेटिक कपड़े गर्मी और पसीने को रोक लेते हैं, जिससे रगड़, बंद रोमछिद्र और गर्मी के दाने निकल सकते हैं। खासकर गर्दन, छाती और पीठ के आस-पास। इसलिए, स्किन रैश से बचने के लिए ढीले-ढाले सूती या लिनन के कपड़े पहनें। इस तरह के कपड़े हीट रैश और स्किन इन्फेक्शन, दोनों से बचाव करते हैं।
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सूती कपड़े पहनें : गर्मियों में आप जो कपड़े पहनते हैं उसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। कसे हुए, सिंथेटिक कपड़े गर्मी और पसीने को रोक लेते हैं, जिससे रगड़, बंद रोमछिद्र और गर्मी के दाने निकल सकते हैं। खासकर गर्दन, छाती और पीठ के आस-पास। इसलिए, स्किन रैश से बचने के लिए ढीले-ढाले सूती या लिनन के कपड़े पहनें। इस तरह के कपड़े हीट रैश और स्किन इन्फेक्शन, दोनों से बचाव करते हैं।
धूप में बाहर निकलने से बचें: सुबह 11 बजे से लेकर शाम चार बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। इस दौरान UV किरणें सबसे ज़्यादा तेज़ होती हैं। अगर आप इस समय घर से निकलते हैं तो इससे सनबर्न, पिगमेंटेशन की समस्या बढ़ सकती है। अगर बाहर निकलना ज़रूरी है तो कैप, UV-सुरक्षा वाले धूप के चश्मे और पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहन कर निकलें साथ ही बार बार सनस्क्रीन लगाते रहें।
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धूप में बाहर निकलने से बचें: सुबह 11 बजे से लेकर शाम चार बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। इस दौरान UV किरणें सबसे ज़्यादा तेज़ होती हैं। अगर आप इस समय घर से निकलते हैं तो इससे सनबर्न, पिगमेंटेशन की समस्या बढ़ सकती है। अगर बाहर निकलना ज़रूरी है तो कैप, UV-सुरक्षा वाले धूप के चश्मे और पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहन कर निकलें साथ ही बार बार सनस्क्रीन लगाते रहें।
स्किन एक्सपर्ट से सलाह लें: अगर सनबर्न, पिगमेंटेशन और हीट रैश जैसी समस्याएं बढ़ जाएं, तो इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इलाज में देरी से काले धब्बे, इन्फेक्शन या पहले से मौजूद बीमारियां, जैसे एक्ज़िमा या मुंहासे और बिगड़ सकते हैं।
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स्किन एक्सपर्ट से सलाह लें: अगर सनबर्न, पिगमेंटेशन और हीट रैश जैसी समस्याएं बढ़ जाएं, तो इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इलाज में देरी से काले धब्बे, इन्फेक्शन या पहले से मौजूद बीमारियां, जैसे एक्ज़िमा या मुंहासे और बिगड़ सकते हैं।
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