मकान-घाट सब डूबे, प्रयागराज में बाढ़ से बिगड़े हालात; राहत बचाव कार्य में DM भी उतरे
मकान-घाट सब डूबे, प्रयागराज में बाढ़ से बिगड़े हालात; राहत बचाव कार्य में DM भी उतरे
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण गंगा, यमुना और बेतवा सहित प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और 13 जिले बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहे हैं।
Published : Aug 04, 2025 12:57 pm IST, Updated : Aug 04, 2025 01:09 pm IST
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प्रयागराज में बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। बाढ़ की वजह से संगम नगरी में लोग त्राहिमाम कर रहे है। DM मनीष वर्मा बोट लेकर ग्राउंड पर उतर गए हैं और सैलाब के बीच फंसे लोगों तक जरूरी मदद पहुंचा रहे हैं।
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प्रयागराज में सभी घाट गंगा में समा गए हैं। हालत इतने खराब हैं कि संगम किनारे के इलाकों में नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है।
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बाढ़ से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीम मौके पर तैनात है। साथ ही, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीम भी शासन के द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
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देर रात DM मनीष वर्मा ने बोट से बाढ़ ग्रस्त इलाकों का किया दौरा फंसे लोगो को निकलवाया।
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बाढ़ के हालात पर जिलाधिकारी मनीष वर्मा की पूरी नजर बनी हुई है। बाढ़ से ग्रामीणों का रेस्क्यू करने के लिए प्रशासन और NDRF की टीमें 24x7 रेस्क्यू में जुटी हुई हैं।
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संगम नगरी प्रयागराज के पहचान वाले तमाम इलाके बाढ़ में डूब चुके हैं। जिस संगम नगरी में 7 महीने पहले पैर रखने की जगह नहीं थी, वहां अब सिर्फ पानी है।
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संगम नगरी प्रयागराज में ऐसी बाढ़ आई कि अब पता लगाना मुश्किल है कि कहां गंगा और कहां यमुना हैं।
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प्रयागराज में मंदिर परिसर में उफनती गंगा नदी के पानी से होकर गुजरता हुआ शख्स।
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प्रयागराज में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के बीच गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 84.73 मीटर से ऊपर बना हुआ है जिससे जिले के 200 से अधिक गांव और शहर की करीब 60 बस्तियों में पानी भर गया है।
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प्रयागराज में गंगा के तट पर सैकड़ों मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाजार भी डूब चुके हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है, लोगों को सावधान रहने को कहा गया है।