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आंगन-बालकनी के लिए अशुभ हैं ये 6 पेड़-पौधे, लगाते ही शुरू हो जाती हैं दिक्कतें, छीन लेते हैं घर की खुशहाली!

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
Published : May 29, 2026 06:00 pm IST,  Updated : May 29, 2026 06:00 pm IST
हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को देवी-देवताओं का स्वरूप माना गया है। कई ऐसे पौधे हैं जिनकी पूजा व्रत, त्योहार और शुभ कार्यों में की जाती है। इनके बिना धार्मिक अनुष्ठान अधूरे माने जाते हैं। हालांकि, धर्म और वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे पौधों का भी उल्लेख मिलता है, जिन्हें पूजनीय होने के बावजूद घर के आंगन या बालकनी में लगाने की मनाही है। आइए जानते हैं ऐसे ही 6 पेड़-पौधों के बारे में, जो धार्मिक रूप से शुभ हैं लेकिन घर के लिए अशुभ माने जाते हैं।
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हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को देवी-देवताओं का स्वरूप माना गया है। कई ऐसे पौधे हैं जिनकी पूजा व्रत, त्योहार और शुभ कार्यों में की जाती है। इनके बिना धार्मिक अनुष्ठान अधूरे माने जाते हैं। हालांकि, धर्म और वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे पौधों का भी उल्लेख मिलता है, जिन्हें पूजनीय होने के बावजूद घर के आंगन या बालकनी में लगाने की मनाही है। आइए जानते हैं ऐसे ही 6 पेड़-पौधों के बारे में, जो धार्मिक रूप से शुभ हैं लेकिन घर के लिए अशुभ माने जाते हैं।
बरगद का पेड़: बरगद को देव वृक्ष माना जाता है। वट सावित्री व्रत में इसकी पूजा का विशेष महत्व है और महिलाएं इसकी परिक्रमा कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। लेकिन वास्तु में इस पेड़ को घर में नहीं लगाने की मनाही है। इसकी जड़ें बहुत दूर तक फैलती हैं, जिससे घर की नींव को नुकसान पहुंचता है। घर पर इसकी छाया पड़ना भी अशुभ माना जाता है।
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बरगद का पेड़: बरगद को देव वृक्ष माना जाता है। वट सावित्री व्रत में इसकी पूजा का विशेष महत्व है और महिलाएं इसकी परिक्रमा कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। लेकिन वास्तु में इस पेड़ को घर में नहीं लगाने की मनाही है। इसकी जड़ें बहुत दूर तक फैलती हैं, जिससे घर की नींव को नुकसान पहुंचता है। घर पर इसकी छाया पड़ना भी अशुभ माना जाता है।
शमी का पौधा: इस पौधे का संबंध शनि देव और भगवान शिव से माना जाता है। शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत पाने के लिए इसकी पूजा की जाती है। शमी का पौधा कंटीला होता है, इसलिए इसे घर के अंदर लगाना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे वास्तु दोष पैदा हो सकता है। इसे घर के बाहर लगाना बेहतर माना जाता है।
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शमी का पौधा: इस पौधे का संबंध शनि देव और भगवान शिव से माना जाता है। शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत पाने के लिए इसकी पूजा की जाती है। शमी का पौधा कंटीला होता है, इसलिए इसे घर के अंदर लगाना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे वास्तु दोष पैदा हो सकता है। इसे घर के बाहर लगाना बेहतर माना जाता है।
पीपल का पेड़: इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना गया है। इसकी पूजा करने से शनि दोष और पितृ दोष शांत होने की मान्यता है। लेकिन इसे घर के अंदर लगाना सही नहीं माना जाता। इसकी जड़ें मजबूत और तेजी से फैलने वाली होती हैं, जो दीवारों और नींव को नुकसान पहुंचा सकती हैं। वास्तु के अनुसार इससे धन हानि और जीवन में रुकावटें भी आ सकती हैं।
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पीपल का पेड़: इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना गया है। इसकी पूजा करने से शनि दोष और पितृ दोष शांत होने की मान्यता है। लेकिन इसे घर के अंदर लगाना सही नहीं माना जाता। इसकी जड़ें मजबूत और तेजी से फैलने वाली होती हैं, जो दीवारों और नींव को नुकसान पहुंचा सकती हैं। वास्तु के अनुसार इससे धन हानि और जीवन में रुकावटें भी आ सकती हैं।
केले का पौधा: इस पौधे में भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति का वास माना गया है। गुरुवार के व्रत और पूजा में इसकी विशेष पूजा होती है। हालांकि वास्तु के अनुसार इसे घर के मुख्य द्वार के सामने या पीछे नहीं लगाना चाहिए। गलत दिशा में लगा केला वैवाहिक जीवन और शिक्षा में बाधाएं पैदा कर सकता है।
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केले का पौधा: इस पौधे में भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति का वास माना गया है। गुरुवार के व्रत और पूजा में इसकी विशेष पूजा होती है। हालांकि वास्तु के अनुसार इसे घर के मुख्य द्वार के सामने या पीछे नहीं लगाना चाहिए। गलत दिशा में लगा केला वैवाहिक जीवन और शिक्षा में बाधाएं पैदा कर सकता है।
इमली का पेड़: इमली के पेड़ को भी धार्मिक रूप से खास माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे घर के पास लगाने से मना किया गया है। मान्यता है कि इससे परिवार में तनाव, विवाद और आपसी विश्वास की कमी बढ़ती है। इसके कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।
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इमली का पेड़: इमली के पेड़ को भी धार्मिक रूप से खास माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे घर के पास लगाने से मना किया गया है। मान्यता है कि इससे परिवार में तनाव, विवाद और आपसी विश्वास की कमी बढ़ती है। इसके कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।
आक या मदार का पौधा: भगवान शिव की पूजा में आक या मदार के फूल चढ़ाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इसकी जड़ों में श्वेतार्क गणेश का वास होता है। लेकिन इस पौधे से निकलने वाला सफेद दूध त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक माना जाता है। कहा जाता है कि इसे घर में लगाने से परिवार में कलह और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
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आक या मदार का पौधा: भगवान शिव की पूजा में आक या मदार के फूल चढ़ाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इसकी जड़ों में श्वेतार्क गणेश का वास होता है। लेकिन इस पौधे से निकलने वाला सफेद दूध त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक माना जाता है। कहा जाता है कि इसे घर में लगाने से परिवार में कलह और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
ध्यान रखें ये बातें: धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार किसी भी पौधे को लगाने से पहले उसकी दिशा और स्थान का ध्यान रखना जरूरी माना गया है। कई पौधे पूजा के लिए शुभ होते हैं, लेकिन घर के अंदर उनके प्रभाव अलग माने जाते हैं। ऐसे में सही जानकारी के साथ ही पौधे लगाना बेहतर माना जाता है।
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ध्यान रखें ये बातें: धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार किसी भी पौधे को लगाने से पहले उसकी दिशा और स्थान का ध्यान रखना जरूरी माना गया है। कई पौधे पूजा के लिए शुभ होते हैं, लेकिन घर के अंदर उनके प्रभाव अलग माने जाते हैं। ऐसे में सही जानकारी के साथ ही पौधे लगाना बेहतर माना जाता है।
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