लिवर खून को साफ करने, पाचन में मदद करने, ऊर्जा को स्टोर करने और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने जैसे कई जरूरी काम करता है। ऐसे में उसे हेल्दी रखने के लिए लोग डिटॉक्स ड्रिंक, हर्बल सप्लीमेंट और तरह-तरह के घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कानपुर स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रो सर्जरी और डॉक्टर साद अनवर कहते हैं कि लिवर को स्वस्थ रखना केवल शरीर से विषैले पदार्थ निकालने तक सीमित नहीं है। लिवर को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए सही खानपान, नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और हेपेटाइटिस-बी से बचाव के उपाय अपनाकर ही लिवर को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
हेपेटाइटिस बी क्या है?
हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है, जो लिवर को प्रभावित करता है। कई बार इसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते और व्यक्ति को लंबे समय तक बीमारी की जानकारी नहीं होती। लंबे समय तक संक्रमण रहने पर यह लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और यहां तक कि लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
हेपेटाइटिस बी कैसे फैलता है?
हेपेटाइटिस बी संक्रमित खून, संक्रमित सुई, असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित मां से बच्चे में फैल सकता है। इसलिए रक्त चढ़ाने से पहले उसकी जांच, इस्तेमाल की गई सुई से बचाव और सुरक्षित स्वास्थ्य आदतें अपनाना जरूरी है। टैटू या पियर्सिंग जैसी प्रक्रियाओं में भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
हेपेटाइटिस बी से कैसे करें अपना बचाव?
हेपेटाइटिस बी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। बच्चों को जन्म के समय हेपेटाइटिस-बी का टीका लगना बेहद जरूरी होता है। इसके अलावा जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें डॉक्टर की सलाह से वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
लिवर को स्वस्थ रखने के इन हैबिट्स को भी जीवनशैली में करें शामिल
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में कुछ आसान बदलाव भी जरूरी हैं। संतुलित आहार लें, जिसमें हरी सब्जियां, फल, दालें और पर्याप्त प्रोटीन शामिल हों। ज्यादा तला-भुना भोजन, अत्यधिक चीनी और शराब का सेवन लिवर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। नियमित व्यायाम करें, वजन को नियंत्रित रखें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं या सप्लीमेंट का सेवन न करें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)