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महानवमी के दिन 5 मंत्रों के जप से करें मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न, मनोकामनाएं होंगी पूरी

Written By: Naveen Khantwal
Published : Mar 26, 2026 06:58 pm IST,  Updated : Mar 26, 2026 06:58 pm IST
मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि के अंतिम दिन आपको कुछ मंत्रों का जप अवश्य करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से आपको जीवन के हर क्षेत्र में शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं और माता की कृपा से आपको पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भी अच्छे बदलाव देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
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मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि के अंतिम दिन आपको कुछ मंत्रों का जप अवश्य करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से आपको जीवन के हर क्षेत्र में शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं और माता की कृपा से आपको पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भी अच्छे बदलाव देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
माता सिद्धिदात्री का मूल मंत्र है 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्र्यै नम:' इस मंत्र का जप अगर आप नवरात्रि के आखिरी दिन करते हैं तो देवी माता की कृपा आप पर बरसती है। साथ ही आपकी मनोकामनाओं को भी माता पूरा करती हैं।
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माता सिद्धिदात्री का मूल मंत्र है 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्र्यै नम:' इस मंत्र का जप अगर आप नवरात्रि के आखिरी दिन करते हैं तो देवी माता की कृपा आप पर बरसती है। साथ ही आपकी मनोकामनाओं को भी माता पूरा करती हैं।
'ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:' यह माता सिद्धिदात्री का बीज मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शांति का अनुभव होता है। इस मंत्र का निरंतर जप करने से भक्तों को अलौकिक अनुभव भी प्राप्त होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
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'ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:' यह माता सिद्धिदात्री का बीज मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शांति का अनुभव होता है। इस मंत्र का निरंतर जप करने से भक्तों को अलौकिक अनुभव भी प्राप्त होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
'वंदे वांछित मनोरथार्थ, चंद्रार्घकृत शेखराम्। कमलस्थितां चतुर्भुजा सिद्धिदात्री यशस्वनीम्॥' यह माता का ध्यान मंत्र है। इसका जप अगर आप नवरात्रि के आखिरी दिन करते हैं तो आपकी इच्छाओं को माता पूरा करती हैं और करियर क्षेत्र में भी अच्छे परिणाम आपको मिलते हैं।
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'वंदे वांछित मनोरथार्थ, चंद्रार्घकृत शेखराम्। कमलस्थितां चतुर्भुजा सिद्धिदात्री यशस्वनीम्॥' यह माता का ध्यान मंत्र है। इसका जप अगर आप नवरात्रि के आखिरी दिन करते हैं तो आपकी इच्छाओं को माता पूरा करती हैं और करियर क्षेत्र में भी अच्छे परिणाम आपको मिलते हैं।
या देवी सर्वभूतेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ इस मंत्र के जरिए आप माता की स्तुति करते हैं। इसका जप करने से आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है और सुख-समृद्धि जीवन में आती है। वहीं माता के प्रार्थना मंत्र 'सिद्ध गंधर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥' का जप करने से भी आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं।
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या देवी सर्वभूतेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ इस मंत्र के जरिए आप माता की स्तुति करते हैं। इसका जप करने से आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है और सुख-समृद्धि जीवन में आती है। वहीं माता के प्रार्थना मंत्र 'सिद्ध गंधर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥' का जप करने से भी आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं।
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