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चंद्रग्रहण के दिन राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जप, दूर होगी नकारात्मकता और मिलेंगे शुभ फल

Written By: Naveen Khantwal
Published : Sep 06, 2025 09:49 pm IST,  Updated : Sep 07, 2025 06:52 pm IST
साल 2025 का आखिरी चंद्रग्रहण 7 सितंबर के दिन है। रात्रि में 9 बजकर 58 मिनट से यह ग्रहण शुरू होगा जिसका सूतक दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से ही शुरू हो जाएगा। ऐसे में चंद्रग्रहण के दिन नकारात्मकता को दूर करने के लिए राशि के अनुसार किन मंत्रों का जप करना हितकारी साबित होगा, आइए जान लेते हैं।
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साल 2025 का आखिरी चंद्रग्रहण 7 सितंबर के दिन है। रात्रि में 9 बजकर 58 मिनट से यह ग्रहण शुरू होगा जिसका सूतक दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से ही शुरू हो जाएगा। ऐसे में चंद्रग्रहण के दिन नकारात्मकता को दूर करने के लिए राशि के अनुसार किन मंत्रों का जप करना हितकारी साबित होगा, आइए जान लेते हैं।
मेष और वृश्चिक राशि- इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह मंगल हैं, इसलिए इन दोनों ही राशि वालों को 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से चंद्रग्रहण के दिन शुभ फलों की प्राप्ति होगी। वृषभ और तुला राशि- इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। इन दोनों राशियों को चंद्रग्रहण के दिन शुक्र के मंत्र 'ॐ शुं शुक्राय नमः' और 'ॐ ऐं क्लीं सौमाय नामाय नमः' मंत्र का जप करने से लाभ प्राप्त होगा।
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मेष और वृश्चिक राशि- इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह मंगल हैं, इसलिए इन दोनों ही राशि वालों को 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से चंद्रग्रहण के दिन शुभ फलों की प्राप्ति होगी। वृषभ और तुला राशि- इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। इन दोनों राशियों को चंद्रग्रहण के दिन शुक्र के मंत्र 'ॐ शुं शुक्राय नमः' और 'ॐ ऐं क्लीं सौमाय नामाय नमः' मंत्र का जप करने से लाभ प्राप्त होगा।
मिथुन और कन्या राशि- ये दोनों राशियों बुध के स्वामित्व वाली हैं इन दोनों राशियों को ' ॐ शीतांशु, विभांशु अमृतांशु नम:' मंत्र का जप करने से लाभ मिल सकता है। कर्क और सिंह राशि- कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और सिंह राशि के सूर्य। चंद्रग्रहण के दिन कर्क राशि वालों को 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' मंत्र का जप करना चाहिए और सिंह राशि वालों को 'ॐ नमो भगवते रुद्राय:' मंत्र का जप करना चाहिए।
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मिथुन और कन्या राशि- ये दोनों राशियों बुध के स्वामित्व वाली हैं इन दोनों राशियों को ' ॐ शीतांशु, विभांशु अमृतांशु नम:' मंत्र का जप करने से लाभ मिल सकता है। कर्क और सिंह राशि- कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और सिंह राशि के सूर्य। चंद्रग्रहण के दिन कर्क राशि वालों को 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' मंत्र का जप करना चाहिए और सिंह राशि वालों को 'ॐ नमो भगवते रुद्राय:' मंत्र का जप करना चाहिए।
धनु और मीन राशि- ये दोनों राशियां गुरु ग्रह के स्वामित्व वाली हैं। इन दोनों ही राशि वालों को गुरु ग्रह के बीज मंत्र 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः' और चंद्रमा के मंत्र 'ॐ सोम सोमाय नमः' का जप करने से लाभ प्राप्त हो सकता है।
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धनु और मीन राशि- ये दोनों राशियां गुरु ग्रह के स्वामित्व वाली हैं। इन दोनों ही राशि वालों को गुरु ग्रह के बीज मंत्र 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः' और चंद्रमा के मंत्र 'ॐ सोम सोमाय नमः' का जप करने से लाभ प्राप्त हो सकता है।
मकर और कुंभ राशि- शनि इन दोनों राशियों के स्वामी हैं। इन दोनों ही राशियों को चंद्रग्रहण के दिन शनि के मंत्र 'ॐ शनि शनिस्चराये नमः' और चंद्रमा के मंत्र 'ॐ चंद्राय नमः।' का जप करने से लाभ प्राप्त हो सकता है।
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मकर और कुंभ राशि- शनि इन दोनों राशियों के स्वामी हैं। इन दोनों ही राशियों को चंद्रग्रहण के दिन शनि के मंत्र 'ॐ शनि शनिस्चराये नमः' और चंद्रमा के मंत्र 'ॐ चंद्राय नमः।' का जप करने से लाभ प्राप्त हो सकता है।
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