Monday, March 09, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. ईडी ने गुजरात के IAS अधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल को किया गिरफ्तार, रिश्वतखोरी के मामले में हुआ एक्शन

ईडी ने गुजरात के IAS अधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल को किया गिरफ्तार, रिश्वतखोरी के मामले में हुआ एक्शन

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav Published : Jan 02, 2026 05:15 pm IST, Updated : Jan 02, 2026 05:26 pm IST

ईडी ने लैंड-यूज़ परमिशन में करप्शन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सुरेंद्रनगर के पूर्व डीएम को गिरफ्तार किया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : ANI सांकेतिक तस्वीर

अहमदाबाद: IAS अधिकारी और गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पूर्व कलेक्टर राजेंद्रकुमार पटेल को ईडी ने रिश्वत से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि ईडी ने रिश्वत से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पटेल को गिरफ्तार किया है। राजेंद्रकुमार पटेल 2015 बैच के IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने आखिरी बार सुरेंद्रनगर कलेक्टर के तौर पर काम किया था। 

ईडी ने पहले भी लिया था एक्शन

इससे एक हफ्ते पहले ईडी ने रिश्वत से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक रेवेन्यू ऑफिसर को उनके ऑफिस से गिरफ्तार किया था। सेंट्रल एजेंसी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज होने के बाद डिप्टी मामलातदार, चंद्रसिंह मोरी और अन्य लोगों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। गुजरात एंटी-करप्शन ब्यूरो ने भी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में ED की शिकायत पर पटेल और तीन अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। ईडी ने रिश्वत से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में डिप्टी रेवेन्यू ऑफिसर चंद्रसिंह मोरी को उनके ऑफिस से गिरफ्तार किया था।

 

ईडी ने 67.5 लाख रुपये जब्त किया

23 दिसंबर को ईडी की एक टीम ने सुरेंद्रनगर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस में पोस्टेड मोरी के घर पर छापेमारी की और उन्हें रिश्वत से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कथित भूमिका के लिए उनके घर से 67.5 लाख रुपये बरामद करने के बाद गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने दावा किया कि मोरी ने माना कि जब्त किया गया कैश रिश्वत का पैसा है, जिसे उन्होंने सीधे और बिचौलियों के जरिए उन एप्लीकेंट्स से मांगा और इकट्ठा किया था।  

अपनी जांच में जांच एजेंसी ने पाया कि सुरेंद्रनगर कलेक्टर ऑफिस में सरकारी कर्मचारियों द्वारा सिस्टमैटिक एक्सटॉर्शन और गैर-कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करके बड़े पैमाने पर करप्शन और क्राइम से पैसे बनाए जा रहे थे। मोरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और एप्लीकेशन को जल्दी अप्रूव करने के लिए एप्लीकेंट्स से रिश्वत ली। ईडी ने था कि रिश्वत की रकम स्क्वायर मीटर के हिसाब से कैलकुलेट की गई थी।

इनपुट- पीटीआई

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। गुजरात से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement