गोधरा: गुजरात के गोधरा से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक ही पल में खुशियों के घर में मातम पसर गया है और दूल्हा समेत पूरे परिवार की मौत हो गई है। एक ही घर से बाहर निकले 4 लोगों के शव देखकर हर किसी का दिल रो पड़ा। आज ही घर में सगाई की तैयारी थी लेकिन उससे पहले ही पूरा परिवार काल के गाल में समा गया।
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क्या है पूरा मामला?
मामला गोधरा के बमरोली रोड का है। यहां वर्धमान ज्वैलर्स के मालिक और दो जवान बेटों समेत पूरे परिवार का आग के धुएं में दम घुट गया और उनकी मौत हो गई।
कहते हैं कि जब किस्मत रूठ जाती है तो न वक्त देखती है और न हालात, इसका जीता-जागता और दिल दहला देने वाला उदाहरण गोधरा में देखने को मिला। गोधरा के बमरोली रोड पर गंगोत्री नगर सेतु क्लब के बगल में रहने वाले एक खुशहाल और समृद्ध परिवार के आंगन में, जहां आज खुशियों का तोरण बनना था, वहां श्मशान जैसी शांति छा गई। आग लगने की घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से पूरा गोधरा शहर सदमे में है।
शहर की मशहूर ‘वर्धमान ज्वैलर्स’ अंकुर सोसायटी के बगल में बमरोली रोड पर बिजनेस से जुड़े कमलभाई दोशी के घर पर बहुत रौनक थी। उनके 24 साल के जवान बेटे देव दोशी की सगाई तय हो गई थी। आज सुबह ही पूरे परिवार को सगाई के लिए वापी निकलना था। लेकिन विधाता को यह मंजूर नहीं था। रात में परिवार के सभी सदस्य, पिता कमलभाई, मां देवलबेन और दो होनहार बेटे देव और राज सो रहे थे और हंसी-मजाक कर रहे थे। वह अगले दिन की बात कर रहे थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी रात है और वे कल का सूरज भी नहीं देख पाएंगे?
मिली जानकारी के मुताबिक, घर के ग्राउंड फ्लोर पर सोफे में देर रात या सुबह-सुबह शॉर्ट सर्किट या किसी और वजह से आग लग गई। घर चारों तरफ से कांच से भरा हुआ था, इसलिए आग का जहरीला धुआं बाहर निकलने के बजाय पूरे घर में भर गया। सो रहे परिवार को जागने या भागने का मौका नहीं मिला और दम घुटने से चारों की दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की पहचान हुई
- कमलभाई दोशी (उम्र 50)- पिता
- देवलबेन दोशी (उम्र 45)- मां
- देव कमलभाई दोशी (उम्र 24)- बेटा, जिसकी आज सगाई होनी थी
- राज कमलभाई दोशी (उम्र 22)- छोटा बेटा
जब फायर डिपार्टमेंट और आस-पास के लोगों को बताया गया, तो रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पत्थर दिल आदमी भी रो पड़ा जब उस घर से चार लाशें निकलीं, जिसका बेटा दूल्हा बनने वाला था। (इनपुट: दक्षेस शाह)