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दिल्ली के कर्तव्य पथ पर दिखेगी गुजरात की झांकी, 12वीं से 21वीं सदी तक की दिखाई जाएगी विकास गाथा

 Published : Jan 22, 2025 08:19 pm IST,  Updated : Jan 22, 2025 08:30 pm IST

गुजरात की इस झांकी को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए पारंपरिक लेकिन अर्वाचीन दोहे के साथ राज्य के जोशीले मणियारा रास को जीवंत नृत्य के साथ प्रस्तुत किया गया है।

गुजरात की झांकी - India TV Hindi
गुजरात की झांकी Image Source : INDIA TV

अहमदाबादः देश 76वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली में होने वाले मुख्य परेड में गुजरात की भी झांकी दिखाई जाएगी। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर ‘गुजरात : आनर्तपुर से एकता नगर तक - विरासत भी, विकास भी’ की थीम पर आधारित झांकी प्रस्तुत करेगा। गुजरात की झांकी में 12वीं सदी के वडनगर यानी आनर्तपुर के ‘कीर्ति तोरण’ से लेकर 21वीं सदी के ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के रूप में राज्य की सांस्कृतिक विरासत के साथ ही रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में राज्य की ‘आत्मनिर्भरता’ को प्रदर्शित करती विभिन्न विकास परियोजनाओं को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है। 

गुजरात की झांकी में दिखेगी विकास गाथा

गुजरात की झांकी के अगले हिस्से में सोलंकी काल में निर्मित वडनगर स्थित 12वीं सदी का गुजरात का सांस्कृतिक प्रवेशद्वार कहा जाने वाला ‘कीर्ति तोरण’ है, तो अंत में 21वीं सदी की शान, 182 मीटर ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को दर्शाया गया है, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इन दोनों विरासतों के बीच गुजरात में विभिन्न क्षेत्रों में हुए शानदार विकास की प्रतिकृतियां हैं। 

झांकी में यह भी दिखेगा

झांकी के पृष्ठ भाग में रक्षा-टेक्नोलॉजी क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परियोजनाओं में से एक, वडोदरा में ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड’ के द्वारा तैयार होने वाले भारतीय वायुसेना के सी-295 एयरक्राफ्ट की यूनिट, उसके नीचे अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट के दोनों तटों को जोड़ने वाला ‘अटल ब्रिज’ है, जिसे इंजीनियरिंग का चमत्कार कहा जाता है। गुजरात में भारी निवेश के साथ सेमीकंडक्टर उत्पादन क्षेत्र की सफलता को दिखाते सेमीकंडक्टर चिप और उससे जुड़े विभिन्न उपकरण और उसके नीचे ऑटोमोबाइल-मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हो रहे गुजरात के ऑटो और मशीन उद्योग को दर्शाया गया है।

सरदार वल्लभभाई पटेल का स्टैच्यू भी दिखाया गया है

झांकी के अंतिम हिस्से में भारत के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर उन्हें स्मरणांजलि के रूप में 21वीं सदी की शान और देश भर के किसानों से एकत्रित किए गए लोहे से निर्मित सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को दर्शाया गया है, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसके नीचे के हिस्से में जगत मंदिर द्वारका की पवित्र भूमि और शिवराजपुर बीच में आकार लेने वाले ‘अंडर वाटर स्पोर्ट्स’ की गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया है। इस दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति की सामग्री प्रतिष्ठित चैनल ‘डिस्कवरी’ द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

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