कर्तव्यपथ पर निकलने वाली झांकी के पीछे महीनों की मेहनत होती है। उसको बनाने में सैकड़ों कारीगर अपना पसीना बहाते हैं लेकिन उनका नाम कभी सामने नहीं आता। उनकी बात को दुनिया को बताने के लिए INDIA TV ने गणतंत्र दिवस की झांकी बनाने वाले से बात की।
फैक्ट चेक डेस्क की जांच में पता चला कि यह 2014 यानी 11 साल पहले के गणतंत्र दिवस पर निकली झांकी को सोशल मीडिया यूजर्स 2025 के गणतंत्र दिवस की झांकी से जोड़कर सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ वायरल कर रहे हैं।
गुजरात की झांकी ने गणतंत्र दिवस परेड में पॉपुलर चॉइस श्रेणी में लगातार तीसरे वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त कर जीत की हैट्रिक लगाई है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर हुई परेड में विभिन्न राज्यों ने अपनी-अपनी झांकी का प्रदर्शन किया था। आइए जानते हैं कि किस राज्य को मिला है 'पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड' में पहला स्थान।
Republic Day Tableaux: आज हम आपको उन झांकियों की झलक दे रहे हैं जो 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में नजर आएगी।
Republic Day Parade 2025: नौसेना ने कहा कि झांकी के मॉडल की टैगलाइन ‘आत्मनिर्भर नौसेना से राष्ट्र निर्माण’ है। अधिकारियों ने बताया कि नौसेना की एक मिश्रित मार्चिंग टुकड़ी और एक बैंड भी परेड में शामिल होंगे।
गुजरात की इस झांकी को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए पारंपरिक लेकिन अर्वाचीन दोहे के साथ राज्य के जोशीले मणियारा रास को जीवंत नृत्य के साथ प्रस्तुत किया गया है।
दिल्ली के कर्तव्य पथ हर साल गणतंत्र दिवस की परेड में कई राज्यों की झांकियां निकलती हैं। इनमें से कई राज्यों की झांकियों को मंजूरी नहीं मिल पाती है। आइये जानतें हैं कि राज्यों कि इन झांकियों को मंजूरी कौन देता है और कैसे चयन होता है?
इस बार भी राजपथ पर होने वाली पारंपरिक गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली की झांकी शामिल नहीं होगी। यह चौथी बार होगा जब राष्ट्रीय राजधानी को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर उनकी पार्टी के खिलाफ बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी झांकियां प्रस्तुत कीं उनमें अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, मणिपुर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, लद्दाख, तमिलनाडु, गुजरात, मेघालय, झारखंड, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना शामिल थे।
26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर कई झांकियां निकाली गईं। इसमें कई राज्यों के साथ-साथ सरकार के मंत्रालयों की झांकियां भी शामिल थीं। इस बार सरकार के ही एक मंत्रालय ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है।
‘‘नया जम्मू एवं कश्मीर’’ या ‘‘नया कश्मीर’’ एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल अक्सर आर्टिकल 370 को निरस्त करने और राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के बाद वहां के परिदृश्य का वर्णन करने के लिए किया जाता रहा है।
सिर्फ महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की ही नहीं बल्कि केरल, बिहार समेत कई और उन राज्यों की भी झांकियों के प्रपोजल को रिजेक्ट किया गया है, जिन्होंने झांकियों के लिए मापदंडों को पूरा नहीं किया।
गणतंत्र दिवस की परेड में इस साल पहली बार आयकर विभाग की भी झांकी होगी। इसका विषय नोटबंदी के बाद उसके द्वारा शुरु किया गया कालाधन-रोधी विशेष अभियान होगा।
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