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26 जनवरी के लिए क्यों रिजेक्ट हुई महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल की झांकी? सरकार ने बताई वजह

 Published : Jan 03, 2020 05:06 pm IST,  Updated : Jan 03, 2020 05:06 pm IST

सिर्फ महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की ही नहीं बल्कि केरल, बिहार समेत कई और उन राज्यों की भी झांकियों के प्रपोजल को रिजेक्ट किया गया है, जिन्होंने झांकियों के लिए मापदंडों को पूरा नहीं किया।

Maharashtra tableau in 2018 Republic Day parade- India TV Hindi
Maharashtra tableau in 2018 Republic Day parade (File Photo) Image Source : PTI

नई दिल्ली: इस बार की गणतंत्र दिवस परेड के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों के प्रपोजल को रिजक्ट किए जाने को लेकर शिवसेना शिवसेना सांसद संजय राउत ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि "गणतंत्र दिवस पर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियां नहीं दिखने के पिछे क्या कोई राजनीतिक षड्यंत्र है? हम प्रखर राष्ट्रभक्त हैं, क्या यह हमारा जुर्म है?" लेकिन, सिर्फ महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की ही नहीं बल्कि केरल, बिहार समेत कई और उन राज्यों की भी झांकियों के प्रपोजल रिजेक्ट किए गए हैं, जिन्होंने झांकियों के लिए मापदंड पूरे नहीं किए। ऐसे में सरकार ने एक पत्र में झांकियों के लिए मापदंड का जिक्र भी किया है।

क्या है झांकियों के लिए मापदंड?

  • झांकी में रक्षा मंत्रालय द्वारा एक ट्रैक्टर और एक ट्रॉली मुहैया कराई जाएगी, उनके अलावा कोई दूसरा ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य वाहन इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। प्रपोजल में इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • कोई ओर वाहन भी इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन वह सिर्फ स्पॉन्सरिंग अथॉरिटी द्वारा मुहैया कराया जाना चाहिए। प्रपोजल में इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • झांकी में दो से ज्यादा वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। प्रपोजल में इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • झांकी में ज्यादा से ज्यादा मूवमेंट, साउंड और एनिमेशन होना चाहिए। प्रपोजल में इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • ट्रॉली पर 10 से ज्यादा आर्टिस्ट परफॉर्म नहीं कर सकते। ट्रेक्टर पर किसी को परफॉर्म करने की अमनुमति नहीं होता। प्रपोजल में इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • सांस्कृतिक, एतिहासिक/पारंपरिक झांकी में रंग, डिजाइन, ड्रेस और अन्य सामान ऑथेंटिक होना चाहिए। प्रपोजल में इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • इनके अलावा और भी कई मांपदंड हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर ही 26 जनवरी पर झांकियों के लिए प्रपोजल बनाना चाहिए। नहीं, तो वह रिजेक्ट हो जाएगा।

झांकियों के 56 प्रस्तावों में से 22 ही चुने गए

बता दें कि झांकियों के 56 प्रस्तावों में से 22 ही चुने गए हैं, जिनमें राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 16 और केंद्रीय मंत्रालयों के छह प्रस्ताव हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मंत्रालय को राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से झांकियों के 32 और केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों से 24 प्रस्ताव मिले थे। मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है,‘‘ पांच बैठकों के बाद उनमें से राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 16 और मंत्रालयों/विभागों के छह प्रस्ताव अंतिम रूप से गणतंत्र दिवस परेड 2020 के लिए चुने गए हैं।’’

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