1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस ने कहा, कोविशील्ड वैक्सीन के दुष्प्रभाव पर लोगों को मुआवजा दिया जाए

Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस ने कहा, कोविशील्ड वैक्सीन के दुष्प्रभाव पर लोगों को मुआवजा दिया जाए

 Published : May 02, 2024 09:23 am IST,  Updated : May 02, 2024 09:23 am IST

कांग्रेस ने जहां बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया है कि WHO के कहने के बावजूद कोविशील्ड के दुष्प्रभावों का डेटा एकत्र नहीं किया गया, तो वहीं बीजेपी ने कहा है कि कोविड रोधी टीकों से खून का थक्का नहीं जमता है।

Lok Sabha Elections 2024, Lok Sabha Elections, Elections 2024- India TV Hindi
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने कोविशील्ड के दुष्प्रभावों से जुड़े डेटा को एकत्र नहीं किया। Image Source : PTI REPRESENTATIONAL

अहमदाबाद: विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान वैक्सीन के दुष्प्रभाव को लेकर WHO के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। कांग्रेस ने मांग की कि कोरोना वायरस रोधी कोविशील्ड वैक्सीन लेने के बाद दिल का दौरा या मिलते जुलते कारणों से जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। हालांकि, बीजेपी की गुजरात इकाई से जुड़े डॉक्टरों ने कहा कि राज्य में विशेषज्ञ समिति की एक स्टडी से पता चला है कि कोविड​​-19 रोधी टीकों और रक्त के थक्के के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।

‘दुष्प्रभावों का डेटा एकत्र क्यों नहीं किया गया?’

बता दें कि ब्रिटेन की फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका ने ब्रिटेन की अदालत में स्वीकार किया है कि उसकी कोविड वैक्सीन खून के थक्के जमाने संबंधी दुष्प्रभाव उत्पन्न कर सकती है। भारत में, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा निर्मित इस टीके को कोविशील्ड नाम से जाना जाता है। कांग्रेस की गुजरात इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शक्तिसिंह गोहिल ने सवाल किया कि WHO की सलाह के बावजूद दुष्प्रभाव को लेकर डेटा एकत्र क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘चूंकि उस समय दुनिया के पास टीकों के दुष्प्रभावों का विश्लेषण करने का समय नहीं था, इसलिए WHO ने कहा था कि देशों को दुष्प्रभावों के आंकड़ों का रिकॉर्ड रखना चाहिए।’

‘खून के थक्के जमने की संभावना 0.004 प्रतिशत है’

गोहिल ने दावा किया, ‘अन्य देशों ने इस सलाह का पालन किया और रिकॉर्ड रखा, लेकिन हमारे देश में ऐसा कोई डेटा एकत्र नहीं किया गया।’ प्रदेश बीजेपी के चिकित्सक प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. धर्मेंद्र गज्जर ने गोहिल के दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस मिथक फैला रही है। ICMR ने नवंबर 2023 में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी और घोषणा की थी कि टीकों से खून का थक्का नहीं जमता है। एस्ट्राजेनेका ने भी कहा है कि खून के थक्के जमने की संभावना 0.004 प्रतिशत है, जो बहुत कम है। हर टीके के अपने दुष्प्रभाव होते हैं लेकिन हम जोखिम बनाम लाभ अनुपात को भी ध्यान में रखते हैं।’ (भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। गुजरात से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।