कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल की हत्या का आरोपी सचिन खैरपुर गांव झज्जर का रहने वाला है। वह अपने गांव के बगल वाले गांव कानौन्दा में मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। श्याम जी मोबाइल के नाम से उसकी दुकान है। 27 फरवरी की रात सचिन अपने दुकान से सीधा विजयनगर हिमानी के घर उसके पास गया था। रात में वह हिमानी के पास रुका और फिर उसकी हत्या करने के बाद अपने घर चला गया । फिर 28 फरवरी को सचिन दुबारा हिमानी की लाश को ठिकाने लगाने के लिए हिमानी के घर गया था। लाश को ठिकाने लगाने के बाद वह फिर अपने घर वापस आ गया था।
इस तरह से सूटकेस में ले गया था शव, देखें वीडियो
पिता ने कही ये बात
कत्ल की रात में वह अपने घर मे ही सोया और एक मार्च की सुबह आठ बजे वह दो बैग लेकर अपने घर से अपनी दुकान पर गया था। थोड़ी देर बाद दुकान से फिर कहीं चला गया था। फिर दोपहर में दुकान पर आया और कैब बुक करके दिल्ली फरार हो गया था। लेकिन इस पूरी घटना से उसका पूरा परिवार अनजान था। सचिन की पत्नी बीमार चल रही है और वह अपने इलाज के लिए अपने भाई के पास 27 फरवरी को ही दिल्ली चली गयी थी। घर मे सचिन के बुजुर्ग मां-बाप हैं लेकिन पिता पुत्र के संबंध अच्छे नही हैं इसलिए दोनों एक ही घर मे अलग अलग रहते हैं। सचिन के पिता का कहना है कि बेटे ने अपराध किया है तो उसे कानून सजा देगा।
फेसबुक के जरिए मिले थे हिमानी सचिन
जांच में सामने आया कि हिमानी विजय नगर, रोहतक स्थित अपने घर पर अकेली रहती थी। हिमानी का परिवार दिल्ली में रहता है। आरोपी सचिन की हिमानी के साथ फेसबुक पर करीब एक साल पहले दोस्ती हुई थी। सचिन हिमानी के घर पर आता जाता रहता था। दोनों की मोबाईल और सोशल मीडिया माध्यमों से बातचीत होती रहती थी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां कोर्ट ने उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वहीं सोमवार की शाम को हिमानी नरवाल का शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।