हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब में AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पड़ोसी राज्य के लोग विकास, रोज़गार, उद्योगों के लिए सुरक्षा और अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं, न कि मज़ाक, पब्लिसिटी और विज्ञापन। सैनी पटियाला के ककराला गांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि पंजाब सरकार ने काम के बजाय पब्लिसिटी और नतीजों के बजाय विज्ञापनों पर ज़्यादा ध्यान दिया है। झूठे दावे दोहराने से अर्थव्यवस्था मज़बूत नहीं होती। अर्थव्यवस्था तब मज़बूत होती है जब उद्योगों को सुरक्षा मिले, युवाओं को रोज़गार मिले, व्यापारियों में भरोसा हो, किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले और सरकारी योजनाओं का फ़ायदा बिना किसी भेदभाव के सीधे लोगों तक पहुंचे।
सीएम मान पर कसा तंज
सीएम सैनी ने कहा कि लोगों के बीच जाना, उनकी समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना सरकार की ज़िम्मेदारी है। सैनी ने कहा, "मज़ाक सिनेमा हॉल में अच्छे लगते हैं, लेकिन लोगों के बीच काम, विकास और जन-समस्याओं के समाधान पर चर्चा होती है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी पंजाब के लोगों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा करने में नाकाम रही।
आप सरकार पर साधा निशाना
पंजाब सरकार पर ड्रग्स की समस्या और हाल ही में एक व्यक्ति की मौत को लेकर निशाना साधते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब एक व्यक्ति ने बच्चों को ड्रग्स से दूर रखने के लिए सरकार के सामने आवाज़ उठाई, तो उसे परेशान किया गया और उसकी आवाज़ दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि इससे दुखी होकर उसने अपनी जान दे दी। उन्होंने कहा कि यह घटना पंजाब में कानून-व्यवस्था, संवेदनशील प्रशासन और आम नागरिकों की आवाज़ के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वह संगरूर के दिरबा के रहने वाले गुलज़ार सिंह की मौत का ज़िक्र कर रहे थे, जिन्होंने कथित तौर पर ज़हर खा लिया था। उनके परिवार का आरोप है कि एक दिन पहले एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इलाके में ड्रग्स की सप्लाई के बारे में सवाल पूछने पर उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक बातें कही गईं।
सीएम सैनी ने भरोसा जताया कि 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में बीजेपी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा में चल रही जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पड़ोसी राज्य के लोगों को भी दिया जाएगा, जिससे गरीब, महिलाएं, किसान और जरूरतमंद परिवारों को फायदा होगा। सैनी ने कहा कि भले ही पंजाब और हरियाणा दो अलग-अलग राज्य हैं, लेकिन उनकी जड़ें, संस्कृति और विरासत एक ही हैं।
हरियाणा की आर्थिक विकास दर 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025-26 में हरियाणा की आर्थिक विकास दर 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पंजाब की विकास दर सिर्फ 6.1 प्रतिशत है। इसी तरह, 2026-27 में हरियाणा की अर्थव्यवस्था लगभग 15.18 लाख करोड़ रुपये की होने का अनुमान है, जबकि पंजाब की अर्थव्यवस्था लगभग 9.81 लाख करोड़ रुपये की रहने का अनुमान है। यह अंतर सही नीति, स्पष्ट इरादे और जवाबदेह नेतृत्व का नतीजा है।
ये भी पढ़ेंः विदेश में छिपे गैंगस्टरों पर STF की ‘गुप्त नजर’, 27 की वापसी के बाद अब अगली लिस्ट तैयार