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डॉक्टरों ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, सरकार ने लगाया हुआ है ESMA

 Published : Dec 10, 2025 09:13 pm IST,  Updated : Dec 10, 2025 09:13 pm IST

हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। उनकी मुख्य मांगें सीनियर मेडिकल ऑफिसरों की डायरेक्ट भर्ती रोकने और संशोधित करियर प्रोग्रेशन स्कीम लागू करने की हैं।

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डॉक्टरों की हड़ताल से कई जगह मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। Image Source : PTI

अंबाला/कुरुक्षेत्र: हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों ने अपनी मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में बुधवार को अपनी हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया। उनकी मुख्य मांगें हैं सीनियर मेडिकल ऑफिसरों की डायरेक्ट भर्ती रोकना और संशोधित असर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम को लागू करना। डॉक्टरों ने पहले 8 से 9 दिसंबर तक 2 दिनों की हड़ताल की थी, जिसे अब उन्होंने अनिश्चित समय के लिए जारी रखने का फैसला किया है। इस बीच, हरियाणा सरकार ने मंगलवार शाम को ESMA (एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट) लगा दिया, जिसके तहत सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल के दौरान अनुपस्थित डॉक्टरों की सैलरी काटने के आदेश जारी कर दिए हैं।

कई जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

बता दें कि यह हड़ताल हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की ओर से बुलाई गई है, जो राज्य के सरकारी डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करती है। हड़ताल की वजह से कई अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा, 'सरकार ने एक साल पहले हमारी मांगें पूरी करने का वादा किया था, जिसमें सीनियर मेडिकल ऑफिसरों की डायरेक्ट भर्ती रोकना और संशोधित असर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम लागू करना शामिल है। हम सरकार से अपील करते हैं कि वह अपना वादा निभाए। लेकिन वादा निभाने की बजाय, वह ESMA लगाकर या चिट्ठियां जारी करके हमारी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।'

'हमारे डॉक्टरों को प्रमोशन नहीं मिल रहे'

ख्यालिया ने आगे कहा, 'हमारे डॉक्टरों को प्रमोशन नहीं मिल रहे हैं। हमें समझ नहीं आता कि सरकार हमें क्यों दबा रही है। वह अपना वादा क्यों लागू नहीं कर रही?' उन्होंने बताया कि पंचकूला में 3 डॉक्टर अपनी मांगों को पूरा होने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई न्योता नहीं आया है। हड़ताल के दौरान राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने नेशनल हेल्थ मिशन के डॉक्टरों, मेडिकल कॉलेजों के स्टाफ, ESIC, कंसल्टेंट्स और आयुष प्रैक्टिशनर्स को तैनात किया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई रुकावट न आए।

अंबाला, कुरुक्षेत्र में हड़ताल का ज्यादा असर नहीं

अंबाला और कुरुक्षेत्र में हड़ताल का ज्यादा असर नहीं पड़ा है। अंबाला के सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने बताया कि जिले में 168 डॉक्टर रजिस्टर्ड हैं और बुधवार को सभी ड्यूटी पर थे। उन्होंने कहा, 'सभी विभाग जैसे लैब, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे चल रहे हैं। मरीजों को सही इलाज मिल रहा है।' कुरुक्षेत्र में भी हड़ताल को कोई खास रिस्पॉन्स नहीं मिला। लोकनायक जय प्रकाश नारायण जिला अस्पताल में सभी डॉक्टर ड्यूटी पर आए। चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुखबीर सिंह मेहला ने कहा कि 124 डॉक्टरों में से सोमवार को 23 अनुपस्थित थे, मंगलवार को 18, लेकिन बुधवार को एक भी डॉक्टर गैरहाजिर नहीं था। (PTI)

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