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अपराजिता के फूल और जड़ का इन बीमारियों में किया जाता है इस्तेमाल, आचार्य बाल कृष्ण ने बताए फायदे

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jun 16, 2026 06:21 am IST,  Updated : Jun 16, 2026 06:21 am IST

Aparajita Flowers Benefits: अपराजिता के फूल, पत्तों और जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवा के रूप में किया जाता है। इससे कई बीमारियों को दूर भगाने में फायदा मिलता है। आचार्य बाल कृष्ण ने बताए अपराजिता के फायदे।

अपराजिता के फायदे- India TV Hindi
अपराजिता के फायदे Image Source : INDIA TV

बारिश के दिनों में बाग बगीचों और घरों में आपको अपराजिता का पौधा मिल जाएगा। इसकी दो किस्में होती हैं जिसमें बैंगनी और सफेद दो तरह के फूल आते हैं। अपराजिता का पौधा न सिर्फ घर की खूबसूरती को बढ़ाता है बल्कि इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई दवाओं में भी किया जाता है। इसे आयुर्वेद में विष्णुक्रांता, गोकर्णी के नाम से भी जाना जाता है। इसे रोगों से कभी भी पराजित न होने वाला पौधा माना गया है और इसी से इसका नाम अपराजिता पड़ा। आचार्य बाल कृष्ण की मानें तो सिर दर्द दूर करने, दिमाग को तेज बनाने, वात, पित्‍त, कफ को दूर में अपराजिता का इस्तेमाल फायदेमंद साबित होता है। 

अपराजिता का पौधा कैसा होता है?

अपराजिता का पौधा झाड़ीदार बेलनुमा होता है और इसके पत्ते और फूल दोनों ही बहुत कोमल होते हैं। बारिश के दिनों में ये पौधा फूले से भर जाता है। इसके फूलों का आकार गाय के कान जैसा होता है। इसे गोकर्णी भी कहा जाता है। इसके फूल सफेद और नीले रंग के होते हैं। नीले और बैंगनी रंग के फूलों में दो प्रकार होते हैं। एक इकहरे फूल वाली बेल और दूसरी दोहरे फूल वाली बेल होती है। इसे लोग क्लाइटोरिया टर्नेशिया और विंग्ड लीव्ड क्लाइटोरिया के नाम से भी जानते हैं।

अपराजिता के फायदे

सिरदर्द में फायदा- अपराजिता की फली का इस्तेमाल सिरदर्द के इलाज के रूप में भी किया जाता है। इसके बीज और जड़ को बराबर हिस्से में लें और पानी के साथ पीस लें। अब इसकी कुछ बूंद नाक में डाल लें। इससे आधासीसी सिरदर्द में राहत मिलती है। 

कान दर्द में राहत- सीजन पर जब पौधा अच्छा हराभरा होता है। बारिश में नमी के कारण अक्सर कान में दर्द होने लगता है। ऐसे में अपराजिता के पत्‍तों के रस को सुखाकर गर्म कर लें। इसे कानों के बाहर तेल तरफ एक लेप के जैसे लगा लें। इससे कान के दर्द में आराम मिल जाएगा।

गले में राहत- गले में घाव या टांसिल होने पर करीब 10 ग्राम अपराजिता के पत्‍ते को आध लीटर पानी में डालकर पका लें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर पी लें। आपको इसे काढ़े की तरह ही गुनगुना पीना है। इससे गले और आवाज को काफी आराम मिलेगा।

पेट के लिए फायदेमंद- अपराजिता की जड़ का चूर्ण बना लें। इसे रोजाना गाय के दूध या गाय के घी के साथ खाने से अपच की समस्या, पेट में जलन और गैस एसिडिटी में आराम मिल जाता है।

दिमाग को आराम दे- जिन लोगों को बहुत तनाव और चिंता रहती है उन्हें अपराजिता के फूलों से बनी ब्लू टी यानि नीली चाय बनाकर पीनी चाहिए। इस चाय को पीने से दिमाग शांत होता है और मानसिक तनाव और थकान भी कम होती है।

 

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