1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. क्या हार्मोन असंतुलन के कारण उल्टी हो सकती है, डॉक्टर ने बताया किन परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है?

क्या हार्मोन असंतुलन के कारण उल्टी हो सकती है, डॉक्टर ने बताया किन परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है?

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Nov 05, 2025 10:59 am IST,  Updated : Nov 05, 2025 10:59 am IST

Vomiting In Hormonal Changes: शरीर में हार्मोंस बैलेंस बिगड़ने से कई बदलाव आते हैं। कई बार इस वजह से उल्टी भी हो सकती हैं। डॉक्टर ने बताया किन परिस्थितियों में ऐसा होता है।

उल्टी के कारण- India TV Hindi
उल्टी के कारण Image Source : FREEPIK

शरीर में हार्मोन शारीरिक कार्यों को कंट्रोल करते हैं। जैसे मेटाबॉलिज़्म, मूड, नींद, प्रजनन स्वास्थ्य और पाचन प्रक्रिया। जब इन हार्मोनों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो कई तरह की शारीरिक परेशानियां सामने आती हैं, जिनमें से एक उल्टी या मतली (nausea and vomiting) भी हो सकती है। डॉ. मनन गुप्ता (चेयरमैन एवं हेड, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, एलांटिस हेल्थकेयर, दिल्ली) बताते हैं कि हार्मोनल असंतुलन सीधे या इनडायरेक्ट रूप से से उल्टी की स्थिति पैदा कर सकता है, खासकर महिलाओं में यह स्थिति अक्सर मासिक धर्म, गर्भावस्था, थायरॉयड की समस्या या रजोनिवृत्ति (menopause) के दौरान देखने को मिलती है।

गर्भावस्था के दौरान उल्टी और हार्मोन

गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में उल्टी और मिचली की मुख्य वजह एचसीजी (hCG) और एस्ट्रोजन हार्मोन का तेजी से बढ़ना है। डॉ. गुप्ता बताते हैं कि 'अधिकांश महिलाओं में मॉर्निंग सिकनेस हार्मोनल बदलाव की वजह से होती है, जो गर्भावस्था के पहले ट्राइमेस्टर में सामान्य है। हालांकि, अगर उल्टी बहुत अधिक हो जाए या लगातार बनी रहे तो यह हाइपरएमेसिस ग्रेविडेरम नामक स्थिति हो सकती है, जिसे डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।'

थायरॉयड हार्मोन असंतुलन

थायरॉयड ग्रंथि से निकलने वाले T3 और T4 हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रित करते हैं।

  • हाइपरथायरॉयडिज़्म (थायरॉयड का अधिक सक्रिय होना) के दौरान शरीर में मेटाबॉलिज़्म बढ़ जाता है, जिससे भूख कम लगना, पसीना आना और उल्टी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
  • हाइपोथायरॉयडिज़्म (थायरॉयड का धीमा होना) में पाचन तंत्र धीमा पड़ जाता है, जिससे मतली या पेट में असहजता महसूस हो सकती है।

मासिक धर्म और हार्मोनल उतार-चढ़ाव

कई महिलाओं को पीरियड्स से पहले या दौरान मिचली या उल्टी की शिकायत होती है। यह प्रोस्टाग्लैंडिन और एस्ट्रोजन के उतार-चढ़ाव से जुड़ा होता है। डॉ. गुप्ता बताते हैं कि “पीरियड्स के समय शरीर में बनने वाले प्रोस्टाग्लैंडिन हार्मोन गर्भाशय की मांसपेशियों को संकुचित करते हैं, जिससे दर्द और कभी-कभी मतली या उल्टी जैसी समस्या होती है।”

रजोनिवृत्ति और अन्य हार्मोनल परिवर्तन

रजोनिवृत्ति के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में गिरावट आने से शरीर में अनेक बदलाव होते हैं, जिनमें गर्मी लगना (hot flashes), मूड स्विंग्स और मतली भी शामिल हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर उल्टी बार-बार हो रही है, भूख नहीं लग रही या शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।

डॉ. मनन गुप्ता सलाह देते हैं कि “अगर उल्टी किसी खास समय पर, जैसे पीरियड्स या गर्भावस्था के दौरान बार-बार होती है, तो यह हार्मोनल कारणों से जुड़ी हो सकती है। ऐसे में ब्लड टेस्ट या हार्मोन लेवल की जांच कराना जरूरी होता है ताकि असली वजह का पता चल सके।”

बचाव और देखभाल के उपाय

  • संतुलित आहार लें जिसमें प्रोटीन और फाइबर की पर्याप्त मात्रा हो।
  • पानी और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं।
  • नियमित व्यायाम और योग से हार्मोन संतुलन बना रहता है।
  • पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें।

हार्मोनल असंतुलन शरीर के कई तंत्रों को प्रभावित करता है, और उल्टी भी उसी का एक संकेत हो सकता है। विशेष रूप से महिलाओं में, यह स्थिति हार्मोनल बदलावों से गहराई से जुड़ी होती है। यदि यह समस्या बार-बार या गंभीर रूप में सामने आती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर उचित जांच और उपचार कराना आवश्यक है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।