इन दिनों गायों में लंपी बीमारी फैल रही है। लम्पी स्किन डिजीज गाय और भैंसों दोनों को हो सकती है लेकिन ज्यादातर गायों को ये संक्रामक वायरस रोग होता है। लंबी बीमारी पॉक्सविरिडे फैमिली के नीथलिंग वायरस की वजह से फैलता है। इससे पीड़ित पशुओं को तेज बुखार आता है, उनकी त्वचा पर बड़ी-बड़ी गांठे या फोड़े बन जाते हैं और दूध कम होने लगता है। इस बीमारी से पीड़ित गायों का दूध लोग निकालते हैं और पीने में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि बीमार गाय का दूध पीना सही नहीं है। कई बार लोगों को डर होता है कि क्या लंबी बीमारी से पीड़ित गाय का दूध पीने से उन्हें भी ये बीमारी हो सकती है। आइये इसके बारे में वेटरनरी डॉक्टर के.एम. वार्ष्णेय (पशु चिकित्सा अधिकारी, उ.प्र. सरकार) से जानते हैं कि क्या लंपी बीमारी के बाद गाय का दूध पी सकते हैं?
क्या लंपी से पीड़ित गाय का दूध पी सकते हैं
वेटरनरी डॉक्टर के.एम. वार्ष्णेय ने बताया कि लंबी बीमारी ज़ूनोटिक नहीं है यानि लंपी वायरस जानवरों से इंसानों में नहीं फैलता है, इसलिए लंबी बीमारी से पीड़ित गाय का दूध इंसानों के लिए जहरीला या खतरनाक नहीं माना जाता है। ये त्वचा से जुड़ा संक्रमण है जो शरीर के अंदर नहीं होता है।
उबालकर पी सकते हैं दूध- आप नॉर्मल दूध की तरह ही लंपी बीमारी से पीड़ित गाय का दूध भी उबालकर पी सकते हैं। दूध को पीने से पहले अच्छी तरह से कम से कम 15 से 20 मिनट तक उबाल लें। उच्च तापमान पर उबलने से दूध में अगर किसी भी तरह का कोई वायरस हो भी तो वो खत्म हो जाता है।
किन बातों का ध्यान रखें- अगर आप लंबी बीमारी से पीड़ित गाय का दूध पी रहे हैं तो कच्चा दूध पीने से बचना चाहिए। बिना उबाले इस तरह का दूध पीने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। हां अगर आप संक्रमित गाय का दूध उसके बच्चे को पिला रहे हैं तो ऐसा करने से बचना चाहिए। अगर बहुत जरूरी है तो गाय के बच्चे को भी उबालकर दूध पिला सकते हैं।