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दिल्ली में बढे डेंगू और स्वाइन फ्लू के मामले, डॉक्टर से जानें शरीर में दिखते हैं कौन से हैं लक्षण और कैसे करें अपना बचाव?

 Written By: Poonam Yadav
 Published : Aug 06, 2026 10:10 pm IST,  Updated : Aug 06, 2026 10:11 pm IST

समय रहते डेंगू और स्वाइन फ्लू के लक्षणों की पहचान और सही इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। इसलिए बुखार को हल्के में न लें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

दिल्ली में बढे डेंगू के मामले- India TV Hindi
दिल्ली में बढे डेंगू के मामले Image Source : MAGNIFIC

मानसून के दौरान डेंगू, चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी होने लगती है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के पनपने के लिए वातावरण बनाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही मे सामने आए आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अब तक डेंगू के 1179 मामले सामने आए है। 210 मरीज़ दिल्ली से बाहर के है। दिल्ली के अस्पतालों में कुल 1389 डेंगू के मरीज़ है वहीं स्वाइन फ्लू के अब तक 1344 मामले सामने आए है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों ही मामलों में अब तक कोई मौत दर्ज नहीं हुई है। लेकिन बढ़ती संख्या को देखते हुए सतर्कता कम नहीं की जानी चाहिए। मैक्योर हॉस्पिटल में कंसल्टेंट मेडिसिन, डॉ. प्रतीक कादियान, बता रहे हैं कि डेंगू और स्वाइन फ्लू के लक्षण कौन से होते हैं और बचाव के लिए क्या करना चाहिए?

डेंगू और स्वाइन फ्लू में अंतर?

बता दें, डेंगू और स्वाइनफ्लू  दोनों वायरल संक्रमण हैं, लेकिन इनके फैलने का तरीका अलग है। डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके निकट संपर्क में आने से फैल सकता है। बरसात, नमी, जगह-जगह जमा पानी और घरों के आसपास मच्छरों के प्रजनन की अनुकूल परिस्थितियां डेंगू के मामलों को बढ़ा सकती हैं। दूसरी ओर, भीड़भाड़ वाले बंद स्थानों और संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से फ्लू तेजी से फैल सकता है।

क्या हैं डेंगू के लक्षण?

तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, बदन दर्द, उल्टी या त्वचा पर चकत्ते डेंगू के लक्षण हो सकते हैं। बुखार उतरने के बाद पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून, अत्यधिक कमजोरी, बेचैनी या सांस तेज चलना गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत हैं। ऐसे लक्षणों में तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। डेंगू में खुद से एस्पिरिन, आइबुप्रोफेन या अन्य दर्द निवारक दवाएं नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना अधिक सुरक्षित रहता है।

स्वाइन फ्लू में दिखते हैं कौन से लक्षण?

स्वाइन फ्लू में बुखार, खांसी, गले में दर्द, नाक बहना, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी हो सकती है। सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, ऑक्सीजन का स्तर गिरना, अत्यधिक सुस्ती या लक्षणों का अचानक बिगड़ना गंभीर संकेत हैं। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों तथा अस्थमा, मधुमेह, हृदय, फेफड़े या कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

बचाव के लिए क्या करना चाहिए?

बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें, पानी के बर्तनों को ढककर रखें और उन्हें सप्ताह में कम-से-कम एक बार साफ करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छररोधी उपाय अपनाएं। फ्लू जैसे लक्षण होने पर मास्क लगाएं, हाथों की स्वच्छता रखें और भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें। दिल्ली सरकार ने भी डेंगू नियंत्रण के लिए विशेष परामर्श जारी किया है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)

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