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डॉक्टर ने बताया मानसून में आंखों में सूजन या जलन जैसे लक्षणों को क्यों नहीं करना चाहिए नज़रअंदाज़?

 Written By: Poonam Yadav
 Published : Aug 17, 2026 01:10 pm IST,  Updated : Aug 17, 2026 04:06 pm IST

आंखें शरीर का सबसे संवेदनशील अंग हैं। अगर लालपन, दर्द या धुंधलापन सामान्य से अलग लगे, तो घरेलू उपायों के बजाय एक्सपर्ट से सलाह लेना ही समझदारी भरा कदम है।

मानसून में आंखों का ध्यान- India TV Hindi
मानसून में आंखों का ध्यान Image Source : MAGNIFIC

बारिश के मौसम में आंखों के संक्रमण और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान आंखों में लालपन, जलन, सूजन, पानी आना या चिपचिपापन जैसी शिकायतें अक्सर देखने को मिलती हैं। कई लोग इन्हें मामूली समस्या समझकर मेडिकल स्टोर से आई ड्रॉप ले लेते हैं या अपने आप ठीक होने का इंतजार करते हैं। अग्रवाल आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद एवं रिफ्रैक्टिव सर्जन, डॉक्टर भवाथारिणी एम, कहती हैं कि लेकिन हर बार ऐसा करना सुरक्षित नहीं होता। कुछ मामलों में यही शुरुआती लक्षण गंभीर संक्रमण का संकेत भी हो सकते हैं।

मानसून में आंखों की समस्या क्यों बढ़ जाती है?

बारिश में वातावरण में नमी अधिक होती है, जिससे बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से बढ़ते हैं। इसके साथ ही धूल, प्रदूषण और एलर्जी पैदा करने वाले कण भी आंखों को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में वायरल कंजंक्टिवाइटिस, एलर्जी और कॉर्निया के संक्रमण अधिक देखने को मिलते हैं।

कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो सावधानी और भी ज़रूरी है

कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा सकता है। गंदे हाथों से लेंस लगाना, निर्धारित समय से अधिक देर तक पहनना, पुराने सॉल्यूशन का दोबारा उपयोग करना या लेंस पहनकर सो जाना कॉर्निया में गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। यदि लेंस पहनने के बाद दर्द, लालपन या धुंधलापन महसूस हो, तो तुरंत लेंस निकाल दें और नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराएं।

ये लक्षण दिखें तो देरी न करें

  • तेज दर्द 

  • अचानक धुंधला दिखना 

  • रोशनी से चुभन 

  • पलकों या आंखों में अधिक सूजन 

  • पीला या हरा स्राव 

  • लगातार पानी आना 

  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के बाद बढ़ती तकलीफ 

बचाव के आसान उपाय

आंखों को बार-बार हाथ लगाने से बचें और हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें। तौलिया, रुमाल, आई मेकअप या आई ड्रॉप किसी के साथ साझा न करें। कॉन्टैक्ट लेंस की सफाई करें और समय पर बदलें। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड युक्त आई ड्रॉप का इस्तेमाल कभी न करें, क्योंकि इससे संक्रमण छिप सकता है। मानसून में आंखों की हर परेशानी साधारण नहीं होती। सही समय पर जांच और उचित उपचार से अधिकांश संक्रमण पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। लेकिन लापरवाही कभी-कभी ऐसी जटिलताओं का कारण बन सकती है, जिनसे बचा जा सकता था।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)

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