Sahjan Me Vitamin: आयुर्वेद के अनुसार मोरिंगा या जिसे आम बोल चाल की भाषा में सहजन भी कहते हैं, वह स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से एक बेहद महत्वपूर्ण पौधा होता है। इसके औषधीय गुणों के कारण कई लोग इसे सुपरफूड भी कहते हैं। इस पौधे की खास बात यह है कि न सिर्फ इसके फल बल्कि पत्ती और फूल भी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मोरिंगा में कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं। लेकिन क्या मोरिंगा में विटामिन बी12 होता है, क्योंकि विटामिन बी12 की कमी शाकाहारी लोगों में बहुत ज्यादा पाई जाती है। ऐसे में मन में सवाल उठता है कि क्या सहजन खाने से विटामिन B12 की कमी को पूरा किया किया जा सकता है।
आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार सहजन शरीर के लिए काफी फायदेमंद है। इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और प्रजनन क्षमता में सुधार आता है। आइये जानते हैं क्या मोरिंगा में विटामिन बी12 होता है और इसे खाने से क्या फायदे मिलते हैं।
कुछ वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि सहजन में विटामिन B12 पाया जाता है। लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है यह कह पाना मुश्किल है क्योंकि ज्यादातर शोधों में यही पाया गया है कि सहजन में वास्तविक रूप से विटामिन B12 बहुत कम मात्रा में पाई जाती है। पौधों में कई बार विटामिन B12 जैसे दिखने वाले यौगिक पाए जाते हैं, जिसका उपयोग शरीर नहीं कर पाता है। इसलिए अगर आप विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए पूरी तरह से सहजन या मोरिंगा पर निर्भर नहीं कर सकते हैं। हालांकि मोरिंगा में कई दूसरे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। सहजन से इम्युनिटी बूस्ट होती है और प्रजनन स्वास्थ्य भी बेहतर बनता है।
आयुर्वेद में सहजन या मोरिंगा को एक ऐसी औषधीय जड़ी बूटी के रूप में जाना जाता है जो वात और कफ दोष को संतुलित करता है। इसके सेवन से अग्नि प्रज्वलित होती है और पाचन शक्ति मजबूत होती है। इसके अलावा यह आपके शरीर की धातुओं का पोषण भी करता है। प्रजनन स्वास्थ्य के लिए यह आवश्यक इसलिए भी है क्योंकि इससे रक्त और शुक्र धातु पोषित होते हैं। इसका प्रयोग हमेशा सीमित मात्रा में और नियमित रूप से ही करना चाहिए, जिससे आपके शरीर में ऊर्जा का संचार होता रहे।
हार्मोन संतुलन में सहायक- इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट आपके शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखते हैं।
शुक्राणु गुणवत्ता में सुधार- जिन पुरुषों को स्पर्म क्वालिटी की समस्या है उन्हें सहजन का सेवन करना चाहिए, इससे शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार आता है और इसकी गतिशीलता भी अच्छी होती है।
महिलाओं में पोषण की पूर्ति- अक्सर महिलाओं को रक्त की कमी की समस्या से जूझना पड़ता है लेकिन सहजन में आयरन और फोलेट दोनों पाए जाते हैं जो गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है।
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना- आपकी प्रजनन क्षमता केवल प्रजनन अंगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए आपका पूरा स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। सहजन के सेवन से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होती है और आप रोगों से अपना बचाव कर पाते हैं।
किसी भी चीज की अधिकता स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अच्छा नहीं माना जाता है इसलिए याद रखें की इसका सेवन हमेशा सीमित और संतुलित मात्रा में ही करें। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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