हेपेटाइटिस B और C को "साइलेंट किलर" कहा जाता है, क्योंकि इनके वायरस दशकों तक बिना किसी खास लक्षण के लिवर को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। अगर आपके पास रिकॉर्ड नहीं है कि आपको हेपेटाइटिस का टीका लगा है या नहीं तो आपको इसका पता लगाना चाहिए। इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर की सलाह से टेस्ट करवा सकते हैं।
डॉक्टर निर्देश चौहान, कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी (फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद) के मुताबित हर किसी को अपनी लाइफ में कम से कम एक बार हेपेटाइटिस B और C की स्क्रीनिंग जरूर करानी चाहिए। मरीज में जब तक पीलिया, थकान या पेट में पानी भरने जैसे लक्षण प्रकट होते हैं, तब तक अक्सर सिरोसिस या लिवर कैंसर की स्थिति बन चुकी होती है। जीवन में एक बार HBsAg हेपेटाइटिस B के लिए और Anti-HCV हेपेटाइटिस C के लिए ब्लड टेस्ट करवाकर समय रहते संक्रमण की पहचान और प्रभावी इलाज संभव है।
टीका लगा है या नहीं, यह कैसे पता करें?
फिलहाल केवल हेपेटाइटिस A और B के टीके उपलब्ध हैं। हेपेटाइटिस C का कोई टीका नहीं है। हेपेटाइटिस B के प्रति अपनी प्रतिरक्षा यानि इम्यूनिटी जांचने के लिए आप कुछ कदम उठा सकते हैं।
Anti-HBs (Hepatitis B Surface Antibody) टेस्ट
टाइटर 10 mIU/mL या अधिक- इसका अर्थ है कि आपके शरीर में सुरक्षात्मक एंटीबॉडी मौजूद हैं और आप हेपेटाइटिस B से सुरक्षित (इम्यून) हैं।
टाइटर 10 mIU/mL से कम- इसका मतलब है कि आप सुरक्षित नहीं हैं। यदि आपका HBsAg टेस्ट भी निगेटिव है, तो आपको 3 खुराकों वाला प्राथमिक टीका शेड्यूल (0, 1 और 6 महीने) या डॉक्टर की सलाह पर बूस्टर डोज लगवानी चाहिए।
नेचुरल इन्फेक्शन बनाम वैक्सीनेशन (Anti-HBc Total)
यदि Anti-HBs पॉजिटिव है, तो Anti-HBc Total टेस्ट से यह पता चलता है कि एंटीबॉडी टीके से बनी हैं (Anti-HBc निगेटिव) या पुराने ठीक हो चुके संक्रमण से (Anti-HBc पॉजिटिव)।
टीकाकरण रिकॉर्ड का रिकॉर्ड
भारत में हेपेटाइटिस B वैक्सीन को 2007–2008 के आसपास राष्ट्रीय सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) में चरणबद्ध रूप से शामिल किया गया था। अगर आपका जन्म इससे पहले हुआ है और कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं है, तो ब्लड सीरोलॉजी (Anti-HBs) जांच ही टीकाकरण की स्थिति जानने का सबसे सटीक और वैज्ञानिक तरीका है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)