कैंसर से जूझने की प्रक्रिया बेहद कठिन होती है, लेकिन जब इलाज सफल होता है और मरीज ठीक हो जाता है, तब भी स्वास्थ्य की देखभाल की जिम्मेदारी कम नहीं होती। Art of Healing Cancer में चीफ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह बता रहे हैं कि कैंसर से ठीक होने के बाद भी कुछ जरूरी सावधानियां बरतना आवश्यक होता है ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे और भविष्य में दोबारा कैंसर होने का खतरा कम किया जा सके।
कैंसर से ठीक होने के बाद किन बातों का ख्याल रखना चाहिए
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नियमित फॉलो-अप बेहद जरूरी है: इलाज के बाद मरीज को नियमित अंतराल पर डॉक्टर से मिलना चाहिए। इन फॉलो-अप विज़िट्स के दौरान ब्लड टेस्ट, स्कैन या अन्य जांचें की जाती हैं ताकि किसी भी पुनरावृत्ति (रि-करेंस) के संकेत को समय रहते पहचाना जा सके।
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जीवनशैली में सुधार करें: एक स्वस्थ जीवनशैली कैंसर की पुनरावृत्ति की संभावना को काफी हद तक कम कर सकती है। रोजाना संतुलित आहार लें जिसमें फलों, हरी सब्जियों और साबुत अनाज की भरपूर मात्रा हो। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें। पर्याप्त नींद और मानसिक तनाव से बचाव भी महत्वपूर्ण है।
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नियमित व्यायाम करें: शरीर को सक्रिय रखना बहुत आवश्यक है। हल्की वॉक, योग, या डॉक्टर की सलाह अनुसार व्यायाम न सिर्फ शारीरिक ताकत बढ़ाते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति को बेहतर महसूस कराते हैं।
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मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें: कैंसर से जूझने के बाद बहुत से मरीजों को अवसाद या चिंता की समस्या हो सकती है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेना लाभदायक होता है। भावनात्मक सहयोग के लिए परिवार और दोस्तों का साथ भी जरूरी होता है।
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दोबारा कैंसर होने की आशंका: कुछ मामलों में कैंसर का दोबारा होना संभव होता है, जिसे "रि-करेंस" कहते हैं। यह उस स्थान पर हो सकता है जहां पहले कैंसर था या किसी अन्य हिस्से में। यही कारण है कि नियमित जांच और सावधानीपूर्ण जीवनशैली को अपनाना जरूरी होता है।
दोबारा कैंसर रोकने के लिए ये काम ज़रूरी हैं:
जो दवाइयाँ डॉक्टर ने बताई हैं, उन्हें नियम से समय पर लेते रहें। डॉक्टरी चेकअप (फॉलो-अप) का शेड्यूल फॉलो करें, जैसे डॉक्टर कितने महीनों बाद बुला रहे हैं, वैसे ही जाएँ और ज़रूरी जांच-परख कराएँ।शराब, तंबाकू जैसी हानिकारक लतों से पूरी तरह दूर रहें। प्रोसेस्ड और मीठे खाने-पीने की चीज़ें घटाएँ। अगर वजन ज़्यादा है, तो धीरे-धीरे वजन कम करें। मेडिटेशन, हल्की एक्सरसाइज़, हॉबीज़, दोस्तों-परिवार से बातें आदि से स्ट्रेस कम कर सकते हैं। अगर संभव हो, तो अपने कैंसर टिशू या खून की जांच (NGS या लिक्विड बायोप्सी) करवाएँ, ताकि व्यक्तिगत स्तर पर यह पता चल सके कि किस तरह का इलाज या कौन-से सुपरफ़ूड आपके लिए फायदेमंद रहेंगे। ये सभी कदम मिलकर दोबारा कैंसर होने की आशंका को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।