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बार-बार खाने वालों को सद्गुरु ने दी सीख, बताया खाने और पाचन का संबंध, शरीर की प्राकृतिक सफाई कैसे करें

 Written By: Bharti Singh
 Published : Oct 08, 2026 07:38 am IST,  Updated : Oct 08, 2026 07:42 am IST

अध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने बार-बार खाने वालों को सीख दी है। सद्गुरु ने बताया कैसे आंतों को स्वस्थ रखा जा सकता है। हेल्दी गट के लिए किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है।

सद्गुरु की बार-बार खाने वालों को सीख- India TV Hindi
सद्गुरु की बार-बार खाने वालों को सीख Image Source : INDIA TV

आयुर्वेद में समय के हिसाब से खाने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि दो खाने के बीच अच्छा गैप होना चाहिए, जिससे खाना आसानी से पच जाए। अगर आप भी खाने पीने की शौकीन हैं और दिनभर कुछ न कुछ खाते रहते हैं तो सद्गुरु, जग्गी वासुदेव जी की सीख पर अमल करना चाहिए। सद्गुरु ने बताया कि शरीर की नेचुरल क्लीनिंग के लिए खाने और पाचन के बीच का संबंध समझना जरूरी है। उन्होंने बताया कि क्यों योग विज्ञान खाने के बीच लंबा अंतराल रखने और बीच-बीच में स्नैक्स न खाने की सलाह देता है।

सद्गुरु ने बार-बार खाने वालों को सीख

सद्गुरु ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि जो लोग बार-बार कुछ खाते रहते हैं उन्हें अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है। सद्गुरु के मुताबिक जब पेट में पाचन की प्रक्रिया चल रही होती है, तो सेल के स्तर पर शरीर की सफाई लगभग रुक जाती है। इसलिए, अगर आप दिन भर खाते रहते हैं, तो सेल्स में अशुद्धियां लंबे समय तक बनी रहती हैं, जिससे समय के साथ कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं।

आंतों से मल पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाता

अगर आप लगातार खाते रहते हैं तो इससे आंतों में फंसे मल को बाहर निकलने की प्रक्रिया भी ठीक से नहीं हो पाती, क्योंकि बेकार पदार्थ एक बार में नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर कोलन में आते रहते हैं। अगर कोलन साफ नहीं है, तो आप खुद ही मुसीबतें बुला रहे हैं। योग में कहा जाता है कि गंदी बड़ी आंत (कोलन) और मानसिक परेशानियों का सीधा संबंध होता है।

बड़ी आंत को साफ रखना है जरूरी

आयुर्वेद और सिद्ध जैसी भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में, मरीज की बीमारी चाहे जो भी हो, सबसे पहले पाचन तंत्र की सफ़ाई की जाती है क्योंकि ज्यादातर समस्याएं गंदी बड़ी आंत के कारण हो सकती हैं। आजकल लोग जिस तरह का खाना खा रहे हैं, उसे देखते हुए कोलन यानि बड़ी आंत को साफ रखना उनके लिए एक बड़ी चुनौती है।

दिन में 2 बार भरपेट खाना काफी है

लेकिन मान लीजिए कि आप दिन में सिर्फ दो बार भरपेट खाना खाते हैं और बीच में कुछ नहीं खाते या अगर आप बहुत ज्यादा एक्टिव रहते हैं तो बीच में कोई फल खा सकते हैं। तो इससे आपका कोलन हमेशा साफ रहेगा।

एक बार खाने के बाद 6 घंटे तक नहीं खाएं

योग की पद्धति में, हम कहते हैं कि एक बार खाना खाने और अगली बार खाने के बीच कम से कम छह से आठ घंटे का अंतर होना चाहिए। अगर ऐसा करना मुमकिन न हो, तो दो खाने के बीच कम से कम पांच घंटे का अंतर तो जरूरी है ही। इससे कम समय का अंतर रखने का मतलब है कि आप खुद के लिए ही मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।

 

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